देशभर में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
देश के विभिन्न राज्यों में हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मध्य प्रदेश के उज्जैन में क्षिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से राम घाट के पास स्थित मंदिर डूब गए हैं। वहीं, मुंबई में भारी बारिश के चलते स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में भारी बारिश के बाद भूस्खलन हुआ, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलबा आ गया और दो गाड़ियां मलबे में दब गईं। राज्य में 49 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं।
विभिन्न राज्यों में बारिश का हाल
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के कई शहरों, जिनमें लखनऊ, बाराबंकी, उन्नाव और जालौन शामिल हैं, में शुक्रवार सुबह बारिश हुई। उन्नाव में घरों में पानी घुसने की सूचना है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें 11 जिलों में भारी बारिश की संभावना है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर पहली बारिश में ही गड्ढे हो गए हैं।
गुजरात
गुजरात के वलसाड में सड़कों पर पानी भर गया, जिससे वाहनों के आवागमन में बाधा उत्पन्न हुई और कई गाड़ियां पानी में बंद हो गईं।
मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश में मानसून प्रदेश भर में छा गया है। धार, बड़वानी, खरगोन और देवास जिलों में अगले 24 घंटों में 4 से 8 इंच तक बारिश का अनुमान है। हालांकि, राज्य के 38 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है।
राजस्थान
राजस्थान के जयपुर में दो दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने कोटा, बारां और झालावाड़ जिलों के लिए तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। राज्य में मानसून 13 जिलों तक पहुंच गया है, और कुछ स्थानों पर 2 इंच तक बारिश दर्ज की गई है।
उत्तराखंड
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग, चमोली सहित कई जिलों में भूस्खलन के कारण सड़कें बंद हो गई हैं। बद्रीनाथ और केदारनाथ हाईवे पर लगातार पत्थर गिर रहे हैं। सुरक्षा कारणों से केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
बिहार
बिहार में मानसून सक्रिय है, लेकिन जुलाई महीने में राज्य के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। पटना में धूप और उमस भरी गर्मी से लोग परेशान हो सकते हैं।
पंजाब और चंडीगढ़
पंजाब और चंडीगढ़ में अगले पांच दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है। मानसून 1 जुलाई को दोनों क्षेत्रों में पहुंचा, जो पिछले वर्ष की तुलना में देरी से है।
मानसून की प्रगति
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून 5 जुलाई तक पूरे देश को कवर कर सकता है, जो सामान्य समय 8 जुलाई से कुछ दिन पहले है। मानसून ने 4 जून को भारत में प्रवेश किया था, जो सामान्य से तीन दिन देरी से था। शुरुआती सुस्ती के बावजूद, अनुकूल परिस्थितियों के कारण मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है।
Navjeet Kaur