दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े टेरर नेटवर्क का खुलासा

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दिल्ली ब्लास्ट  से जुड़े टेरर नेटवर्क का खुलासा

दिल्ली ब्लास्ट: टेरर नेटवर्क का पर्दाफाश

10 नवंबर को दिल्ली के लाल किला के पास हुए धमाके के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जैश-ए-मोहम्मद के एक नए टेरर मॉड्यूल का खुलासा किया है। इस मॉड्यूल में डॉक्टर, प्रोफेसर और महिला सदस्य शामिल थे, जो पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे।

सहारनपुर की शादी से हुई मॉड्यूल की शुरुआत

जांच में पता चला है कि यह मॉड्यूल 4 अक्टूबर को सहारनपुर में डॉ. आदिल की शादी से एक्टिव हुआ। शादी में कुछ खास मेहमानों की उपस्थिति से नेटवर्क ने काम शुरू किया। इसका उद्देश्य फौजियों को धमकाने वाले पोस्टर लगाना, हथियारों की सप्लाई और फंडिंग का नेटवर्क तैयार करना था।

पोस्टर से मिला अहम सुराग

कश्मीर के नौगाम इलाके में 19 अक्टूबर को जैश के पोस्टर दिखने से मॉड्यूल के एक्टिव होने का पता चला। पुलिस ने केस दर्ज कर 50 अधिकारियों की टीम लगाई। कई CCTV फुटेज और फोन सर्विलांस से जानकारी मिली कि आरोपी पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे।

महिला सदस्य और डॉक्टरों की भूमिका

इस नेटवर्क की मुख्य सदस्य डॉ. शाहीन सईद थी, जो जैश सरगना मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर के साथ जुड़ी थी। शाहीन को फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, डॉ. मुजम्मिल को भारी मात्रा में विस्फोटक के साथ पकड़ा गया।

गृह मंत्रालय ने NIA को सौंपी जांच

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस ब्लास्ट की जांच NIA को सौंपी है। गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में कई महत्वपूर्ण बैठकें हुईं, जिनमें जांच एजेंसियों के अधिकारी शामिल हुए।

यह घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण मामला बन गई है, जिसने मेडिकल प्रोफेशन और शैक्षणिक संस्थानों की आड़ में काम कर रहे इस नेटवर्क को उजागर किया।

Lokendra Mishra