दिल्ली धमाके में डॉक्टर मॉड्यूल का खुलासा
दिल्ली के लाल किला के पास हुए धमाके ने सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़े आतंकी नेटवर्क का खुलासा करने में मदद की है। इस मामले में लखनऊ की डॉ. शाहीन शाहिद, जो जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ी थीं, का नाम सामने आया है। जांच में पता चला है कि शाहीन 2015 से संगठन के लिए काम कर रही थी और 2016 में उसकी सक्रिय सदस्य बन गई थी।
डॉक्टर मॉड्यूल और आतंकी नेटवर्क
जांच में यह भी पाया गया कि इस केस में पांच डॉक्टर शामिल थे, जिनमें से कुछ जम्मू-कश्मीर और हरियाणा से हैं। इन डॉक्टरों ने विस्फोटक सामग्री खरीदने और बम बनाने के लिए करीब ₹26 लाख जुटाए थे। कार ब्लास्ट के मास्टरमाइंड डॉ. शाहीन ने धमाके से पहले भी कई संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दिया था।
फंडिंग और हवाला कनेक्शन
सुरक्षा एजेंसियों ने खुलासा किया कि इस मॉड्यूल को जैश-ए-मोहम्मद के हैंडलर द्वारा हवाला नेटवर्क से फंडिंग मिली थी। इस पैसे का इस्तेमाल विस्फोटक पदार्थ खरीदने में किया गया।
चौंकाने वाले खुलासे
डॉ. शाहीन को आतंकी संगठन के भीतर 'मैडम सर्जन' के नाम से बुलाया जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि शाहीन 2022 में तुर्की में आईएसआई के हैंडलर से मिली थी। इसी दौरान एक ऑपरेशन 'हमदर्द' की योजना बनाई गई थी, जिसमें मुस्लिम लड़कियों को हमलों के लिए तैयार करने की योजना थी।
नए सवाल और जांच जारी
इस केस ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा किया है कि क्या देश में एक नया कट्टरपंथी संगठन उभर रहा है, जो मेडिकल क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को टारगेट कर रहा है। फिलहाल जांच एजेंसियां इस मॉड्यूल के अन्य सदस्यों की पहचान और उनकी गतिविधियों पर काम कर रही हैं।
दिल्ली धमाके ने देश की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा की हैं। यह मामला दिखाता है कि आतंकवाद के लिए नए तरीके अपनाए जा रहे हैं, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती है।
Gulzar Ahmad