दिल्ली एयरपोर्ट पर साइबर हमले का शक

· 1 min read
दिल्ली एयरपोर्ट पर साइबर हमले का शक

दिल्ली एयरपोर्ट पर साइबर हमले का शक, उच्च स्तरीय जांच शुरू

दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक सिस्टम में अचानक आई तकनीकी खराबी को लेकर उच्च स्तरीय जांच शुरू हो गई है। 7 नवंबर को एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के ऑटोमैटिक मैसेज स्विच सिस्टम (AMSS) में समस्या के कारण फ्लाइट ऑपरेशन 12 घंटे तक प्रभावित रहा था। इस दौरान 800 से अधिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स में देरी हुई और 20 फ्लाइट्स को रद्द करना पड़ा।

सिस्टम की खराबी और यात्रियों की परेशानी

सिस्टम के क्रैश होने के कारण एयरपोर्ट पर मैन्युअल काम करना पड़ा। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बोर्डिंग गेट्स पर लंबी कतारें देखने को मिलीं और फ्लाइट्स में औसतन 50 मिनट की देरी हुई। दिल्ली एयरपोर्ट पर हुई इस घटना का असर देशभर के अन्य एयरपोर्ट्स पर भी पड़ा, जिसमें मुंबई, भोपाल, चंडीगढ़ और अमृतसर शामिल हैं।

साइबर हमले की आशंका और सरकार की कार्रवाई

केंद्र सरकार ने इस घटना को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) कार्यालय में एक बैठक की। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि सिस्टम की खराबी के पीछे साइबर हमले या बाहरी ताकत का हाथ तो नहीं है। एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने बाद में बताया कि AMSS अब ठीक से काम कर रहा है, लेकिन यात्रियों को एयरलाइंस से संपर्क में रहने की सलाह दी गई है।

AMSS प्रणाली का महत्व

AMSS, एयर ट्रैफिक कंट्रोल सर्विस से जुड़ा कंप्यूटर नेटवर्क सिस्टम है, जो पायलट, ग्राउंड स्टाफ और अन्य एयरपोर्ट्स के बीच टेक्स्ट-बेस्ड संदेशों का आदान-प्रदान करता है। यह प्रणाली पूरे एयर ट्रैफिक रूट को सिंक में रखने का काम करती है। सिस्टम की खराबी के कारण उड़ानों की योजना मैन्युअल रूप से तैयार करनी पड़ी, जिससे कामकाज में देरी हुई।

इस घटना ने एयर ट्रैफिक सिस्टम की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि इस खराबी के पीछे क्या कारण थे और इसे भविष्य में कैसे रोका जा सकता है।

Navjeet Kaur