दिल्ली में VHP का प्रदर्शन, भारत-बांग्लादेश तनाव बढ़ा

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दिल्ली में VHP का प्रदर्शन, भारत-बांग्लादेश तनाव बढ़ा

दिल्ली में वीएचपी का विरोध प्रदर्शन और भारत-बांग्लादेश के बीच बढ़ता तनाव

बांग्लादेश में एक हिंदू युवक की हत्या के बाद भारत की राजधानी दिल्ली से लेकर ढाका तक कूटनीतिक तनाव गहरा गया है। दिल्ली में विश्व हिंदू परिषद ने बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, जबकि बांग्लादेश सरकार ने भारत में अपने राजनयिक मिशनों की सुरक्षा को लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।

हिंदू युवक की हत्या के विरोध में वीएचपी का प्रदर्शन

18 दिसंबर की रात बांग्लादेश के मैमनसिंह जिले में हिंदू युवक दीपू चंद्र की भीड़ द्वारा पिटाई कर हत्या कर दी गई। शुरुआती दावों में कहा गया था कि उसने सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाएं भड़काने वाली टिप्पणी की थी, लेकिन जांच में अब तक इस आरोप का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।

इसी घटना के विरोध में विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दीपू चंद्र के परिवार को न्याय दिलाने, आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

बांग्लादेश की कड़ी प्रतिक्रिया और भारतीय उच्चायुक्त को तलब

इन प्रदर्शनों और भारत में हुई तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को तलब किया। यह एक सप्ताह में दूसरी बार है जब उन्हें ढाका में बुलाया गया है। इससे पहले बांग्लादेशी छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत और उसके बाद हुए भारत विरोधी प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में भी दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ चुका है।

बांग्लादेश सरकार का कहना है कि नई दिल्ली और सिलीगुड़ी में स्थित उसके राजनयिक मिशनों एवं वीजा केंद्रों पर हुई हिंसक घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में इन घटनाओं को अस्वीकार्य बताया और कहा कि ऐसे प्रयास राजनयिक कर्मियों की सुरक्षा के साथ-साथ आपसी सम्मान, शांति और सहिष्णुता जैसे मूल्यों को कमजोर करते हैं।

राजनयिक मिशनों की सुरक्षा पर सवाल और की गई मांगें

बांग्लादेश ने भारतीय पक्ष से साफ तौर पर कहा है कि दिल्ली, सिलीगुड़ी और अन्य स्थानों पर स्थित उसके हाई कमीशन, दूतावासों और वीजा केंद्रों की सुरक्षा मजबूत की जाए। विदेश मंत्रालय ने यह भी मांग की कि भारत सरकार इन घटनाओं की विस्तृत जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करे और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए।

बयान के अनुसार, 20 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली में बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर विरोध प्रदर्शन हुआ, जबकि 22 दिसंबर 2025 को सिलीगुड़ी स्थित बांग्लादेश वीजा सेंटर में तोड़फोड़ की गई। इन घटनाओं के बाद बांग्लादेश ने भारत में अपने राजनयिक कर्मचारियों और परिसरों की सुरक्षा को लेकर विशेष चिंता जताई।

वीजा सेवाएं निलंबित, तनाव की नई परत

सुरक्षा संबंधी चिंताओं के चलते बांग्लादेश ने दिल्ली और सिलीगुड़ी स्थित अपने मिशनों में वीजा सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं। इससे पहले अगरतला में भी बांग्लादेश कॉन्सुलेट वीजा सेवा रोक चुका है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह रोक अगले आदेश तक जारी रहेगी।

साथ ही, बांग्लादेश के गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के आरोपी के भारत में शरण लेने के संबंध में उसके पास कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। इसके बावजूद इस मामले को लेकर दोनों देशों में लगातार आरोप-प्रत्यारोप का माहौल बना हुआ है।

भारत-बांग्लादेश संबंधों पर प्रभाव

बीते लगभग दस दिनों में दीपू चंद्र की हत्या, शरीफ उस्मान हादी कांड, भारत में विरोध प्रदर्शन, वीजा केंद्रों पर तोड़फोड़ और वीजा सेवाएं निलंबित होने जैसी घटनाओं ने भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव बढ़ा दिया है। बांग्लादेश की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि भारत में रह रही उसकी पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के कुछ बयान ढाका के लिए आपत्तिजनक और भड़काऊ माने जा रहे हैं।

निष्कर्ष: संवाद और सुरक्षा से ही निकलेगा समाधान

दिल्ली में वीएचपी के प्रदर्शन से लेकर बांग्लादेश के कड़े कूटनीतिक विरोध तक, पूरी घटना भारतीय उपमहाद्वीप की संवेदनशील राजनीतिक और धार्मिक परिस्थितियों को उजागर करती है। एक ओर जहां हिंदू युवक की हत्या को लेकर न्याय की मांग की जा रही है, वहीं दूसरी ओर बांग्लादेश अपने राजनयिक मिशनों की सुरक्षा को लेकर आश्वासन चाहता है।

वर्तमान स्थिति दोनों देशों के लिए चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि जनभावनाओं के दबाव के बीच द्विपक्षीय संबंधों को संतुलित रखना आसान नहीं होगा। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भारत सरकार सुरक्षा और जांच से जुड़े आश्वासन किस तरह अमल में लाती है और भारत-बांग्लादेश के बीच संवाद के माध्यम से तनाव कम करने के क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

Amit Pateria