दिल्ली शराब नीति घोटाला: केजरीवाल और सिसोदिया CBI केस में बरी, कोर्ट ने कहा- चार्जशीट में खामियां
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली शराब नीति से जुड़े सीबीआई केस में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बरी कर दिया है। अदालत ने फैसला सुनाते हुए चार्जशीट में खामियां बताईं और कहा कि दोनों के खिलाफ बिना सबूत के आरोप साबित नहीं होते हैं।
केजरीवाल की भावुक प्रतिक्रिया और राजनीतिक आरोप
अदालत के फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल ने मीडिया से बात की, जहां वे भावुक होकर रो पड़े। उन्होंने इस मामले को भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अमित शाह द्वारा रचा गया "सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र" बताया। केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने जीवन भर केवल ईमानदारी कमाई है और सत्य की जीत हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री से देश की समस्याओं पर ध्यान देने और दूसरों पर आरोप लगाने से बचने की अपील की।
CAG रिपोर्ट और नीति में कथित गड़बड़ियां
पिछले साल, दिल्ली शराब नीति को लेकर CAG (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) की एक रिपोर्ट लीक हुई थी, जिसमें सरकार को 2026 करोड़ रुपये के राजस्व के नुकसान का दावा किया गया था। रिपोर्ट में शराब नीति में लाइसेंस देने में खामियों सहित कई कथित गड़बड़ियों का उल्लेख किया गया था और आम आदमी पार्टी के नेताओं को कथित तौर पर घूस के माध्यम से लाभ पहुँचाने की बात कही गई थी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि विशेषज्ञ पैनल के सुझावों को खारिज कर दिया गया था और कई महत्वपूर्ण फैसलों पर तत्कालीन उपराज्यपाल की मंजूरी नहीं ली गई थी।
गिरफ्तारी और जमानत का घटनाक्रम
अरविंद केजरीवाल को इस मामले में ED ने 21 मार्च, 2024 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद, CBI ने उन्हें 26 जून को जेल से ही हिरासत में ले लिया था। उन्हें 12 जुलाई को ED मामले में सुप्रीम कोर्ट से और 13 जुलाई को CBI मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी। दिल्ली हाईकोर्ट में इस मामले को रद्द करने की मांग भी की गई थी, जिसमें मुकदमा चलाने की मंजूरी न होने का तर्क दिया गया था, हालांकि ED ने मंजूरी होने का दावा किया था।
Bhavanesh Soni