स्लीमनाबाद वॉटर टनल का 85% काम पूरा, मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन
मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी और देश की सबसे लंबी 'स्लीमनाबाद वॉटर टनल' का 85% काम पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में रविवार को हुई नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (NVDA) की 270वीं बैठक में 11.952 किलोमीटर लंबी इस जल सुरंग परियोजना की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं को वित्तीय और प्रशासकीय बाधाएं दूर कर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
परियोजना के लाभ और सिंचाई क्षमता
स्लीमनाबाद टनल के पूरे होने से नर्मदा का पानी सोन कछार तक पहुंचेगा, जिससे विंध्य और बुंदेलखंड के 6 जिलों में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा। बरगी व्यपवर्तन परियोजना के माध्यम से जबलपुर, कटनी, सतना, मैहर, पन्ना और रीवा जिलों के 1450 गांवों में नर्मदा का पानी पहुंचेगा। इससे कुल 2 लाख 45 हजार हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी। इस परियोजना में 197 किलोमीटर लंबी नहर भी शामिल है, जिसकी क्षमता 227 क्यूसेक है।
महत्वपूर्ण बैठकें और निर्णय
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नर्मदा नियंत्रण मंडल और नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट लिमिटेड के संचालक मंडल की महत्वपूर्ण बैठकें भी लीं। इन बैठकों का मुख्य फोकस सिंचाई परियोजनाओं की संशोधित लागत (Revised Cost) को मंजूरी देने और कमांड क्षेत्र (सिंचाई का दायरा) बढ़ाने पर रहा। इन निर्णयों से प्रदेश में लाखों हेक्टेयर नई भूमि सिंचित हो सकेगी। बैठक में 7 बड़े फैसले लिए गए, जिनमें परियोजनाओं के क्रियान्वयन और वित्तीय पहलुओं पर जोर दिया गया।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
इन बैठकों में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (CMO) नीरज मंडलोई और अपर मुख्य सचिव (नर्मदा घाटी) डॉ. राजेश राजौरा सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
Satyam Tripathi