एनडीए उम्मीदवार की बड़ी जीत, कांग्रेस गठबंधन को करारा झटका
उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने 452 वोटों के साथ बड़ी जीत हासिल की। विपक्षी कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी को सिर्फ 300 वोट मिले, जिससे विपक्ष को करारा झटका लगा।
विपक्षी एकजुटता पर उठे सवाल
विपक्ष ने चुनाव से पहले एकजुटता का दावा किया था, लेकिन नतीजों में 15 विपक्षी सांसदों की क्रॉस वोटिंग की आशंका सामने आई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने पहले कहा था कि सभी 315 विपक्षी सांसदों ने वोट किया है, लेकिन परिणाम में बी सुदर्शन रेड्डी को केवल 300 वोट मिले।
चुनाव का गणित
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए लोकसभा और राज्यसभा के 767 सांसदों ने वोट किया। एनडीए को 438 सांसदों का समर्थन मिला, जिसमें वाईएसआरसीपी के 11 सांसद भी शामिल थे। कांग्रेस गठबंधन के पास 315 सांसदों का समर्थन था। एनडीए उम्मीदवार को 452 वोट मिले, जबकि विपक्षी उम्मीदवार को केवल 300 वोट मिले।
कांग्रेस ने स्वीकार की क्रॉस वोटिंग
कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने क्रॉस वोटिंग की बात स्वीकार की और कहा कि यह व्यक्तिगत स्वार्थ या प्रभाव का नतीजा हो सकता है। उन्होंने सीपी राधाकृष्णन को बधाई दी और उम्मीद जताई कि वे निष्पक्षता से काम करेंगे।
भाजपा के लिए सकारात्मक संकेत
क्रॉस वोटिंग से भाजपा गदगद है, क्योंकि इसे कांग्रेस गठबंधन की कमजोरी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। इस चुनाव को विपक्षी एकजुटता की परीक्षा माना जा रहा था, जिसमें कांग्रेस को झटका लगा।
यह चुनाव परिणाम न केवल एनडीए के लिए बड़ी जीत है, बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीतियों को भी प्रभावित करने वाला साबित हो सकता है।