गौ माता न्याय यात्रा से सरकार पर कंप्यूटर बाबा का निशाना

· 1 min read
गौ माता न्याय यात्रा  से सरकार पर कंप्यूटर बाबा का निशाना

गौ माता न्याय यात्रा से सरकार पर कंप्यूटर बाबा का निशाना

गायों की दयनीय स्थिति पर विरोध प्रदर्शन का ऐलान

मध्य प्रदेश में गायों की खराब स्थिति पर चिंता जताते हुए नामदेव दास त्यागी उर्फ कंप्यूटर बाबा ने 7 अक्टूबर से नर्मदापुरम से 'गौ माता न्याय यात्रा' निकालने की घोषणा की है। यह यात्रा 14 अक्टूबर को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री आवास पर समाप्त होगी।

गायों की स्थिति पर सरकार की लापरवाही का आरोप

कंप्यूटर बाबा और अन्य धर्मगुरुओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार गायों की समस्याओं को लेकर असंवेदनशील है। उन्होंने कहा कि सड़कों पर गायों से जुड़ी दुर्घटनाओं में न केवल गायों की, बल्कि कई लोगों की भी जान जा रही है। यह स्थिति सरकार की लापरवाही और असावधानी को दर्शाती है।

धार्मिक मान्यताओं का हवाला और ज्ञापन का जिक्र

कंप्यूटर बाबा ने गाय को वेदों और हिंदू धर्म में सर्वोच्च स्थान दिए जाने की बात कही। उन्होंने बताया कि संत समुदाय ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को इस मुद्दे पर ज्ञापन सौंपा, लेकिन उन्हें कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। बाबा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने गौरक्षा पर चर्चा के लिए समय नहीं निकाला, जिससे उनकी संवेदनशीलता पर सवाल उठता है।

यात्रा का उद्देश्य और राजनीतिक संदर्भ

इस यात्रा का उद्देश्य गायों की सुरक्षा और राज्य सरकार की निष्क्रियता को उजागर करना है। धर्मगुरुओं ने कहा कि संत समुदाय, किसान और युवा इस यात्रा में शामिल होंगे और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

कंप्यूटर बाबा पहले भी नर्मदा संरक्षण जैसे मुद्दों पर यात्राएं निकाल चुके हैं। इस बार गायों की सुरक्षा को लेकर उनकी पहल ने प्रदेश की बीजेपी सरकार के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है।

निष्कर्ष

'गौ माता न्याय यात्रा' का उद्देश्य गायों की स्थिति सुधारने और सरकार पर दबाव बनाने का है। यह यात्रा धार्मिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर सरकार और संत समुदाय के बीच बढ़ते मतभेद को भी दर्शाती है।