गरियाबंद में 37 लाख के इनामी नक्सली सरेंडर

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गरियाबंद में 37 लाख  के इनामी नक्सली सरेंडर

गरियाबंद में 37 लाख के इनामी नक्सलियों का आत्मसमर्पण

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद-धमतरी-नुआपाड़ा डिवीजन में उदंती एरिया कमेटी के 7 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इन पर कुल 37 लाख रुपए का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वालों में उदंती एरिया कमांडर सुनील और सचिव एरिना प्रमुख हैं, जिन पर 8-8 लाख रुपए का इनाम था।

हथियार छोड़कर घर लौटने की इच्छा

इनके साथ कमेटी सदस्य लुद्रो, विद्या, नंदिनी, और मलेश ने भी सरेंडर किया, जिन पर 5-5 लाख रुपए का इनाम था। इसके अलावा 1 लाख रुपए की इनामी कांती ने भी आत्मसमर्पण किया है। नक्सली अपने साथ एक SLR, 3 इंसास और एक सिंगल शॉट बंदूक भी लेकर आए। सभी ने गरियाबंद पुलिस के सामने हथियार डाले और घर लौटने की इच्छा जताई।

मीडिया और पुलिस की भूमिका

नक्सलियों ने आत्मसमर्पण के लिए मीडिया को माध्यम बनाया। एसपी निखिल राखेचा ने उन्हें सुरक्षित आत्मसमर्पण का भरोसा दिलाया। सुनील और एरिना ने पहले ही पुलिस तक पहुंचने की कोशिश की थी। बाद में अन्य नक्सलियों ने भी पुलिस से संपर्क किया और मीडिया के माध्यम से सरेंडर किया।

सरेंडर की बढ़ती घटनाएं

हाल ही में बस्तर में 17 अक्टूबर को 210 नक्सलियों ने पुलिस के सामने सरेंडर किया था। इनमें 1 करोड़ का इनामी सेंट्रल कमेटी मेंबर रूपेश भी शामिल था। इसने साथी नक्सलियों को भी सरेंडर करने की अपील की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य रखा है, जिसके तहत ऑपरेशन तेज हो गए हैं।

नक्सलियों के सरेंडर से यह साबित होता है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज में लौटना चाहते हैं। यह छत्तीसगढ़ में शांति स्थापना के प्रयासों की बड़ी सफलता है।

Amit Pateria