हाईकोर्ट ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी को 15 दिन का वेतन भुगतान अल्टीमेटम

· 1 min read
हाईकोर्ट ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी को 15 दिन का वेतन भुगतान अल्टीमेटम

हाईकोर्ट की सेंट्रल यूनिवर्सिटी को कड़ी फटकार, 15 दिन में करें वेतन भुगतान

वेतन न मिलने पर कर्मचारियों ने दायर की अवमानना याचिका

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण और वेतन भुगतान मामले में यूनिवर्सिटी प्रशासन को <15 दिनों> के भीतर कर्मचारियों को <नियमित पद> के अनुसार <वेतन भुगतान> करने का <निर्देश> दिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी कर्मचारियों को न तो नियमित किया गया है और न ही <देयकों> का भुगतान किया गया है। इसके खिलाफ कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में न्यायालय की <अवमानना याचिका> दायर की थी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद नहीं हुआ पालन

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के <वकील> ने बताया कि <मार्च 2023> में पारित <आदेश> के बावजूद यूनिवर्सिटी कर्मचारियों को <नियमित कर्मचारी> का <पूरा लाभ> नहीं दे रहा है। <हाईकोर्ट> ने <मार्च 2023> के <आदेश> में स्पष्ट किया था कि कर्मचारियों को <नियमित कर्मचारी> माना जाएगा और उनकी <सेवाओं> का <नियमितीकरण> <अगस्त 2008> से प्रभावी होगा, साथ ही उन्हें <नियमित कर्मचारियों> की तरह सभी <लाभ> दिए जाने थे। यूनिवर्सिटी की <एसएलपी> और <पुनर्विचार याचिका> भी <सुप्रीम कोर्ट> द्वारा <खारिज> की जा चुकी है, फिर भी <आदेश> का <पूर्ण पालन> नहीं किया गया।

यूनिवर्सिटी का जवाब: दस्तावेजों की <कमी> से <देरी>

यूनिवर्सिटी की ओर से <वकील> ने <कोर्ट> को बताया कि कर्मचारियों का <नियमितीकरण> कर दिया गया है, लेकिन कुछ <दस्तावेजों> के <सत्यापन> की प्रक्रिया बाकी है। यूनिवर्सिटी ने दावा किया कि कर्मचारियों से <आवश्यक दस्तावेज> मांगे गए थे, लेकिन वे <उपलब्ध> नहीं कराए गए, जिससे <लाभ> देने में <देरी> हो रही है। याचिकाकर्ताओं के <अधिवक्ताओं> ने इसका खंडन करते हुए कहा कि <संबंधित आदेश> और <पत्राचार> कर्मचारियों को <उपलब्ध> ही नहीं कराया गया था।

<हाईकोर्ट> के <निर्देश>: 12 मई तक <पत्र> दें, फिर <एक सप्ताह> में <दस्तावेज> जमा करें

<हाईकोर्ट> ने <विश्वविद्यालय> को <27 अप्रैल 2026> का <पत्राचार> <12 मई> तक सभी <याचिकाकर्ताओं> को <उपलब्ध> कराने का <निर्देश> दिया। इसके बाद कर्मचारियों को <एक सप्ताह> के भीतर <जरूरी दस्तावेज> जमा करने होंगे। <विश्वविद्यालय> ने <15 दिनों> में <दस्तावेज सत्यापन> की प्रक्रिया पूरी करने और <नियमित पद> पर कार्यरत कर्मचारियों को <नियमित पद> के अनुसार <वेतन> देने का <बयान> दिया।

<हाईकोर्ट> ने <15 दिनों> में <वेतन भुगतान> का <आदेश> दिया

<हाईकोर्ट> ने <विश्वविद्यालय> के <बयान> को <रिकॉर्ड> पर लेते हुए स्पष्ट किया कि <नियमित कर्मचारी> के रूप में कार्य कर रहे <याचिकाकर्ताओं> को <15 दिनों> के भीतर <नियमित पद> का <वेतन भुगतान> किया जाए।

<19 जून> को <फिर> होगी <सुनवाई>

<हाईकोर्ट> ने मामले की <अगली सुनवाई> <19 जून 2026> को निर्धारित की है। इस <सुनवाई> में <यह देखा जाएगा> कि <विश्वविद्यालय> ने <आदेश> का <पालन> किया है या नहीं। यह मामला <विश्वविद्यालय कर्मचारियों> के लिए <महत्वपूर्ण> माना जा रहा है।

Sharad Shrivastava