इंदौर-खंडवा रेल लाइन को मिली पर्यावरण मंत्रालय की प्रारंभिक मंजूरी
इंदौर और खंडवा के बीच प्रस्तावित नई ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजना को पर्यावरण और वन मंत्रालय से प्रारंभिक अनुमति मिल गई है। इस मंजूरी के साथ ही लंबे समय से अटकी इस महत्वपूर्ण परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है, और जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है। यह रेल परियोजना इंदौर सहित पूरे मालवा और निमाड़ क्षेत्र के विकास के लिए एक अहम कदम मानी जा रही है।
परियोजना का विवरण और कार्य योजना
परियोजना के तहत, लगभग 454 हेक्टेयर वनभूमि पर रेल लाइन बिछाई जाएगी। इसके अतिरिक्त, लगभग 20 किलोमीटर क्षेत्र में कुल 16 सुरंगें भी बनाई जाएंगी, जो इस मार्ग की इंजीनियरिंग चुनौती को दर्शाती हैं। निर्माण कार्य शुरू करने के लिए 10 मार्च 2026 से 9 जून 2026 तक की अस्थायी अनुमति दी गई है। सांसद शंकर लालवानी ने इस बात की पुष्टि की है कि वन भूमि के उपयोग से संबंधित आवश्यक सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है, जिससे परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
पर्यावरणीय प्रभाव और सुरक्षा उपाय
इस परियोजना के लिए कुल 454 हेक्टेयर वनभूमि का उपयोग किया जाएगा। इसके निर्माण के दौरान लगभग 1 लाख 34 हजार पेड़ों की कटाई आवश्यक होगी। हालांकि, कुल चिह्नित किए गए 1 लाख 51 हजार पेड़ों में से करीब 17 हजार पेड़ों को सुरक्षित रखने का निर्णय लिया गया है।
अक्टूबर 2025 में इंदौर वनमंडल ने परियोजना से जुड़ी फाइल भोपाल मुख्यालय भेजी थी। इसके बाद, क्षेत्रीय पर्यावरण समिति (आरईसी) ने रेलवे से यह भी पूछा है कि यदि पुरानी रेल लाइन का उपयोग भविष्य में नहीं होगा, तो उसे हटाकर जमीन वन विभाग को वापस सौंप दी जाए। साथ ही, रेलवे को एक व्यापक ग्रीन रेलवे कॉरिडोर प्रबंधन योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखा जा सके।
Amit Pateria