IPL 2026 मिनी ऑक्शन: ऑलराउंडर्स और ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों का जलवा
अबू धाबी में हुए IPL 2026 मिनी ऑक्शन में फ्रेंचाइजी टीमों ने तेज गेंदबाजों, ऑलराउंडर्स और पावर हिटिंग क्षमता वाले खिलाड़ियों पर जमकर पैसा खर्च किया। कुल 48 भारतीय और 29 विदेशी खिलाड़ियों पर 215.45 करोड़ रुपये की बोली लगी, जिसमें ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों और अनकैप्ड भारतीयों ने खास ध्यान खींचा।
ऑलराउंडर्स और पेसर्स पर सबसे ज्यादा दांव
इस मिनी ऑक्शन में ऑलराउंडर्स का दबदबा साफ नजर आया। कुल 23 ऑलराउंडर्स में से 12 करोड़पति बने और 6 की कीमत 5 करोड़ रुपये से अधिक रही। तेज गेंदबाजों की भी खूब मांग रही। कुल 32 गेंदबाज बिके, जिनमें 13 करोड़पति रहे और 2 पेसर्स पर अकेले 27.20 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
विशुद्ध बल्लेबाजों की तुलना में विकेटकीपर-बल्लेबाज ज्यादा पसंद किए गए। 10 प्रमुख बैटर्स में कैमरन ग्रीन को छोड़कर बाकी 9 की कुल कीमत केवल 11.35 करोड़ रही। वहीं 12 विकेटकीपर्स पर 38.60 करोड़ रुपये खर्च हुए और इनमें से 10 खिलाड़ी करोड़पति बने। स्पिनर्स की मांग अपेक्षाकृत कम दिखी, केवल 9 स्पिन गेंदबाज बिके, जिनमें सिर्फ 3 की कीमत 1 करोड़ से ऊपर जा सकी।
अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ियों पर रिकॉर्ड खर्च
मिनी ऑक्शन में इस बार भी स्थानीय अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ियों ने खूब सुर्खियां बटोरीं। 48 भारतीय खिलाड़ियों में से 39 ऐसे थे जिन्होंने अभी तक अंतरराष्ट्रीय डेब्यू नहीं किया है, फिर भी फ्रेंचाइजियों ने उन पर खुलकर बोली लगाई।
टॉप-5 भारतीय अनकैप्ड खिलाड़ियों पर ही 45 करोड़ रुपये खर्च हुए। इनमें से दो खिलाड़ियों की कीमत 14 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई, जो IPL इतिहास में अनकैप्ड खिलाड़ियों के लिए नया रिकॉर्ड है। इससे पहले 2022 में आवेश खान 10 करोड़ रुपये में बिके थे, जो उस समय का सबसे बड़ा आंकड़ा था।
विदेशी अनकैप्ड खिलाड़ियों में भी रुचि दिखी। ऑस्ट्रेलिया के पेस-बॉलिंग ऑलराउंडर जैक एडवर्ड्स को सनराइजर्स हैदराबाद ने 3 करोड़ रुपये में खरीदा। कुल मिलाकर 10 अनकैप्ड खिलाड़ी करोड़पति बने, जबकि 30 खिलाड़ियों की कीमत 30 से 95 लाख के बीच रही।
पावर हिटिंग बनी सबसे अहम योग्यता
इस ऑक्शन की बड़ी थीम पावर हिटिंग रही। ऑलराउंडर्स पर खर्च का मुख्य कारण उनकी तेज रन बनाने की क्षमता थी। बल्लेबाजों और विकेटकीपर-बल्लेबाजों में भी वही खिलाड़ी ऊंची कीमत तक पहुंचे जिनका टी-20 स्ट्राइक रेट काफी ऊंचा है।
कैमरन ग्रीन, कार्तिक शर्मा, प्रशांत वीर और लियम लिविंगस्टन ऐसे चार प्रमुख बैटर्स रहे जिन्हें 10 करोड़ रुपये से ज्यादा मिले और इन सभी का टी-20 स्ट्राइक रेट 150 से ऊपर है।
एक चौंकाने वाला फैसला ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर जोश इंग्लिस के मामले में दिखा। लखनऊ सुपरजायंट्स ने उन्हें 8.60 करोड़ रुपये में खरीदा, जबकि वे पूरा सीजन नहीं खेल पाएंगे। इंग्लिस ने खुद कहा है कि वे केवल कुछ मैचों के लिए उपलब्ध रहेंगे, इसके बावजूद उनकी 160 से अधिक की IPL स्ट्राइक रेट ने फ्रेंचाइजी को बड़ा दांव लगाने के लिए प्रेरित किया।
कई दिग्गज नाम रहे अनसोल्ड
इस बार कई बड़े और अनुभवी खिलाड़ियों को कोई खरीददार नहीं मिला। 2023 सीजन के प्लेयर ऑफ द सीजन रहे डेवोन कॉन्वे अनसोल्ड रहे। दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज जेराल्ड कूट्जी, जो लगातार 145 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं, उन्हें भी किसी फ्रेंचाइजी ने नहीं खरीदा।
स्पिन विभाग में भी कुछ स्थापित नामों को झटका लगा। श्रीलंका के मिस्ट्री स्पिनर महीश तीक्षणा और अफगानिस्तान के मुजीब उर रहमान, जिन्होंने IPL में पहले शानदार प्रदर्शन किया है, इस बार अनबिके रह गए। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव स्मिथ का नाम तो ऑक्शन टेबल पर लिया ही नहीं गया, जबकि वे 2017 में पुणे सुपरजायंट्स को फाइनल तक ले जा चुके हैं।
ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की बड़ी कमाई
ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की ऊंची कीमत का सिलसिला इस ऑक्शन में भी जारी रहा। केवल 6 ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों पर ही 45.70 करोड़ रुपये खर्च किए गए, यानी प्रति खिलाड़ी औसतन 7.5 करोड़ से अधिक की कीमत रही।
इनमें सबसे आगे रहे कैमरन ग्रीन, जिन्हें कोलकाता नाइट राइडर्स ने 25.20 करोड़ रुपये में खरीदकर IPL इतिहास का सबसे महंगा विदेशी खिलाड़ी बना दिया। इसी तरह अन्य ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों पर भी फ्रेंचाइजियों ने भरोसा जताया और उन्हें मोटी रकम दी।
अन्य विदेशी खिलाड़ियों की स्थिति
ऑस्ट्रेलिया के बाद श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने अच्छा मूल्य हासिल किया। तीन श्रीलंकाई खिलाड़ियों को मिलाकर 24 करोड़ रुपये की कीमत मिली। इनमें तेज गेंदबाज मथीश पथिराना 18 करोड़ रुपये में कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ जुड़ गए।
बांग्लादेश के एक और वेस्टइंडीज के दो खिलाड़ियों की भी अच्छी बोली लगी और सभी की कीमत 9 करोड़ रुपये से अधिक रही। इसके विपरीत दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों की मांग अपेक्षाकृत कम रही। देश के चार खिलाड़ी तो बिके, लेकिन किसी की कीमत 2 करोड़ रुपये से अधिक नहीं पहुंच सकी।
फ्रेंचाइजियों की रणनीति और निष्कर्ष
टीमों की खरीद रणनीति में भी दिलचस्प अंतर नजर आया। कोलकाता ने सबसे ज्यादा 13 खिलाड़ी खरीदे और आक्रामक बोली लगाई, जबकि पंजाब ने केवल 4 खिलाड़ियों को चुना। मुंबई इंडियंस ने सबसे कम खर्च किया और उनका कुल खर्च 2.20 करोड़ रुपये रहा।
कुल मिलाकर IPL 2026 मिनी ऑक्शन ने यह साफ कर दिया कि फ्रेंचाइजियों की प्राथमिकता अब बहुआयामी खिलाड़ी, तेज गेंदबाज और लंबे शॉट लगाने वाले बल्लेबाज हैं। पावर हिटिंग क्षमता और डेथ ओवर बॉलिंग जैसी विशेष कौशल पर भारी रकम खर्च की जा रही है। इसके साथ ही अनकैप्ड भारतीयों की बढ़ती कीमत इस बात का संकेत है कि टीमें भविष्य के सितारों को पहचानकर पहले से ही अपने साथ जोड़ना चाहती हैं, भले ही इसके चलते कई अनुभवी और स्थापित नामों को किनारे करना पड़े।
Vivek Singh