इथियोपिया का सर्वोच्च सम्मान PM मोदी के नाम

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इथियोपिया का सर्वोच्च सम्मान PM मोदी के नाम

इथियोपिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सर्वोच्च सम्मान से नवाजा

इथियोपिया ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ग्रेट ऑनर निशां ऑफ इथियोपिया’ प्रदान किया है। यह सम्मान पाने वाले वे पहले वैश्विक नेता बन गए हैं, जिसे दोनों देशों के बीच बढ़ती नजदीकियों का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जा रहा है।

दौरे का दूसरा दिन और सर्वोच्च सम्मान

इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का सर्वोच्च सम्मान दिया गया। सम्मान ग्रहण करते हुए मोदी ने कहा कि यह उनके लिए गौरव की बात है और इथियोपिया आकर उन्हें अपनापन महसूस हो रहा है। उन्होंने अपने पहले इथियोपिया दौरे को ऐतिहासिक बताते हुए दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

नेशनल पैलेस में औपचारिक स्वागत और द्विपक्षीय बैठक

दौरे के पहले दिन इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली ने नेशनल पैलेस में नरेंद्र मोदी का औपचारिक स्वागत किया। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसमें व्यापार, निवेश, शिक्षा और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

मोदी ने बैठक में कहा कि इथियोपिया में उनका यह पहला दौरा है, लेकिन यहां पहुंचते ही उन्हें आत्मीयता और निकटता का अनुभव हुआ। उन्होंने इस रिश्ते को ऐतिहासिक और भविष्य के लिए महत्वपूर्ण करार दिया।

अबी अहमद अली ने मोदी की सोच की तारीफ की

इथियोपियाई प्रधानमंत्री अबी अहमद अली ने नरेंद्र मोदी की अफ्रीका को लेकर सोच की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मोदी हमेशा इस बात पर जोर देते हैं कि अफ्रीकी देशों के साथ साझेदारी उनकी आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं के अनुरूप होनी चाहिए।

अबी अहमद अली ने यह भी बताया कि इथियोपिया में विदेशी निवेश तेज़ी से बढ़ रहा है और भारत सबसे बड़े निवेशकों में शामिल है। वर्तमान में 615 से अधिक भारतीय कंपनियां इथियोपिया में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश कर रही हैं।

छात्रवृत्ति और सहयोग बढ़ाने की घोषणा

बैठक के दौरान नरेंद्र मोदी ने इथियोपियाई छात्रों के लिए भारत द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति को दोगुना करने की घोषणा की। यह कदम शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में दोनों देशों के सहयोग को नई गति देने वाला माना जा रहा है।

मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले पर इथियोपिया द्वारा व्यक्त की गई संवेदना और आतंकवाद के खिलाफ भारत के प्रयासों के समर्थन के लिए धन्यवाद भी दिया। दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करने और वैश्विक शांति के प्रयासों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।

इथियोपिया पहुंचे मोदी का विशेष स्वागत

अदीस अबाबा एयरपोर्ट पर खुद प्रधानमंत्री अबी अहमद अली नरेंद्र मोदी को रिसीव करने पहुंचे। दोनों नेताओं ने एयरपोर्ट पर अनौपचारिक बातचीत की और इस दौरान इथियोपियाई पारंपरिक कॉफी से मोदी का स्वागत किया गया।

इसके बाद अबी अहमद अली स्वयं कार चलाकर मोदी को होटल तक लेकर गए और रास्ते में उन्हें साइंस म्यूजियम तथा मैत्री पार्क भी दिखाया। इस तरह का व्यक्तिगत और आत्मीय स्वागत दोनों नेताओं के बीच बढ़ती निकटता और भरोसे को दर्शाता है।

भारत-इथियोपिया के आर्थिक और व्यापारिक रिश्ते

भारत, इथियोपिया का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वित्त वर्ष 2023-24 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार लगभग 5175 करोड़ रुपये तक पहुंचा। इस दौरान भारत ने इथियोपिया को 4433 करोड़ रुपये का निर्यात किया, जबकि इथियोपिया से 742 करोड़ रुपये का आयात किया गया।

इथियोपिया भारत से मुख्य रूप से लोहा, स्टील, दवाइयां, फार्मास्युटिकल उत्पाद, मशीनरी और विभिन्न उपकरण आयात करता है। वहीं भारत इथियोपिया से दालें, कीमती पत्थर, सब्जियां और बीज, चमड़ा और मसाले आयात करता है।

दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों की शुरुआत 1940 के दशक में हुई थी, जब भारत अभी स्वतंत्र नहीं हुआ था। 1950 में औपचारिक राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद इन व्यापारिक और राजनीतिक संबंधों ने संस्थागत रूप लिया और समय के साथ मजबूत होते गए।

ऐतिहासिक दौरे का महत्व और निष्कर्ष

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दो दिन का राजकीय दौरा भारत और इथियोपिया के संबंधों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। सर्वोच्च सम्मान प्राप्त होना, निवेश और व्यापार पर जोर, शिक्षा के क्षेत्र में छात्रवृत्ति बढ़ाना और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग जैसे कदम द्विपक्षीय साझेदारी को गहरा करने वाले हैं।

इस दौरे से स्पष्ट संकेत मिलता है कि भारत अफ्रीका, विशेषकर इथियोपिया के साथ अपने संबंधों को रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्तर पर नए आयाम देना चाहता है। दोनों देशों के नेतृत्व ने भविष्य में और अधिक व्यापक और संतुलित सहयोग का संकल्प व्यक्त किया है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता, विकास और आपसी भरोसे को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

Faraz Khan