जीतू पटवारी बोले- मेरे अलावा कोई भी जाएगा राज्यसभा, दिग्विजय भी हो सकते हैं उम्मीदवार

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जीतू पटवारी  बोले-  मेरे अलावा  कोई भी जाएगा राज्यसभा,  दिग्विजय  भी हो सकते हैं उम्मीदवार

जीतू पटवारी राज्यसभा की रेस से बाहर: दिग्विजय सिंह पर बोले- पार्टी लेगी निर्णय

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने खुद को राज्यसभा की उम्मीदवारी की दौड़ से अलग कर लिया है। भोपाल में कथावाचक मोहित नागर को कांग्रेस की सदस्यता दिलाने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान पटवारी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस अध्यक्ष का पद एक बड़ी जिम्मेदारी वाला पद है, जिसमें 24 घंटे भी कम पड़ते हैं।

उन्होंने कहा, "मेरे अलावा कोई भी साथी होगा, वह सौ प्रतिशत राज्यसभा जाएगा।" पत्रकारों द्वारा दिग्विजय सिंह की उम्मीदवारी के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने जवाब दिया कि "बिल्कुल हो सकते हैं, यह पार्टी निर्णय करेगी।"

राज्यसभा सीट पर मंथन और क्रॉस-वोटिंग की चिंता

मध्य प्रदेश में जून में खाली हो रही राज्यसभा सीट को लेकर कांग्रेस में विचार-विमर्श का दौर जारी है। सुप्रीम कोर्ट ने विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा की विधानसभा सदस्यता बरकरार रखी है, लेकिन उन्हें राज्यसभा चुनाव में मतदान का अधिकार नहीं दिया। ऐसे में हरियाणा, ओडिशा और बिहार जैसे राज्यों में हुई क्रॉस-वोटिंग के बाद मध्य प्रदेश में भी अंदरूनी चिंताएं बनी हुई हैं।

सरकार पर हमला: लाड़ली बहना, बेरोजगारी और बिजली के मुद्दे

पटवारी ने मोहन यादव सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने 'लाड़ली बहना योजना' को बहनों के साथ एक तरह का "छल" बताया। उन्होंने कहा कि 3000 रुपए का वादा करके 1500 रुपए दिए जा रहे हैं, और केवल एक करोड़ बहनों को लाभ मिल रहा है जबकि प्रदेश में चार करोड़ बहनें हैं।

पीसीसी चीफ ने मध्य प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी को "भयावह" बताया और कहा कि प्रदेश बेरोजगार युवाओं का गढ़ बन गया है। उन्होंने बैकलाग पदों, सामूहिक विवाह योजना और विधवा पेंशन (मात्र 600 रुपए) पर भी सवाल उठाए। पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश कर्ज में डूब रहा है और सरकार लगातार कर्ज ले रही है, जिसका बोझ युवाओं के सपनों पर पड़ रहा है।

शिक्षा व्यवस्था पर सवाल और शिक्षकों को डराने का आरोप

शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता पर चिंता व्यक्त करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है। उन्होंने अतिथि शिक्षकों और विद्वानों को नियमित करने के अधूरे वादों का जिक्र किया। पटवारी ने आरोप लगाया कि शिक्षकों को फिर से परीक्षा देने की बात कहकर डराया जा रहा है। उन्होंने अपने कार्यकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वे शिक्षा मंत्री थे, तब उन्होंने शिक्षकों के प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू की थी, जो अब बंद हो गई है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बिजली चले जाने पर पटवारी ने भाजपा पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि भाजपा 24 घंटे बिजली देने की बात करती है, लेकिन बिजली कभी भी चली जाती है। उन्होंने महंगे बिजली बिलों को भी मुद्दा बनाया, जिसमें बहनों को 1500 रुपए देकर 3000 से अधिक के बिजली बिल वसूले जाने का आरोप लगाया।

Janmejay Chaturvedi