जम्मू-कश्मीर में PSA की कार्रवाई पर सियासी हलचल

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जम्मू-कश्मीर में PSA की कार्रवाई पर सियासी हलचल

जम्मू-कश्मीर में PSA की कार्रवाई पर सियासी हलचल

विधायक मेहराज मलिक की गिरफ्तारी ने राजनीतिक समीकरण बदले

जम्मू-कश्मीर के डोडा विधायक मेहराज मलिक पर जन सुरक्षा अधिनियम (PSA) लागू होने के बाद प्रदेश में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। मेहराज मलिक को हाल ही में गिरफ्तार किया गया और कठुआ जेल में रखा गया है। आरोप है कि उन्होंने डोडा जिले के डीसी और उनके परिवार के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया। प्रशासन ने इसे कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बताते हुए PSA लागू कर दिया।

सियासी दलों का विरोध

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए विरोध जताया है। उनका कहना है कि विधायक के खिलाफ शिकायत विधानसभा सचिवालय में दर्ज कराई जानी चाहिए थी, लेकिन PSA का इस्तेमाल गलत है। नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला, कांग्रेस और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने भी इस कदम को लोकतंत्र विरोधी बताया है।

अरविंद केजरीवाल ने भी इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी पर खुलेआम "गुंडई" करने का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर जम्मू-कश्मीर प्रशासन को सवालों के घेरे में रखा।

PSA का राजनीतिक प्रभाव

PSA आमतौर पर आतंकवादियों और अलगाववादियों के खिलाफ इस्तेमाल होता है, लेकिन पहली बार इसे किसी मौजूदा विधायक पर लागू किया गया है। इस पर कई सियासी दलों ने सवाल उठाए हैं। आम आदमी पार्टी ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है।

इस घटना ने जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक रिश्तों को प्रभावित किया है। उमर अब्दुल्ला, जो पहले केंद्र के साथ सहयोगात्मक रुख अपनाते थे, अब सीधे अरविंद केजरीवाल के साथ खड़े नजर आ रहे हैं।

भविष्य की दिशा

डोडा विधायक पर PSA का इस्तेमाल प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर गहरे सवाल खड़े करता है। कई राजनीतिक दलों का एक स्वर में विरोध इसे लोकतंत्र और कानून-व्यवस्था के लिए चिंताजनक बताते हैं। यह मामला आने वाले दिनों में जम्मू-कश्मीर की राजनीति और प्रशासनिक फैसलों पर गहरा असर डाल सकता है।