कानून व्यवस्था पर सीएम की सख्ती, डीजीपी ने दिए निर्देश
प्रदेश की कानून व्यवस्था पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की नाराजगी के बाद पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में उतरने और अधीनस्थों पर नियंत्रण रखने के निर्देश दिए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा
बुधवार को पुलिस महानिदेशक ने पुलिस मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश भर के एडीजी, आईजी, पुलिस कमिश्नर, रेंज डीआईजी और सभी पुलिस अधीक्षक व उपायुक्तों के साथ कानून व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने पुलिस अमले को पेशेवर तरीके अपनाने पर जोर दिया ताकि कानून का पालन बेहतर तरीके से हो और समाज में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़े।
बेसिक पुलिसिंग पर जोर
मकवाना ने बेसिक पुलिसिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने शहरों, कस्बों, बाजारों और मुख्य सड़कों पर स्पष्ट और भरोसेमंद पुलिस उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। माइक्रो बीट व्यवस्था, नाकाबंदी, रात्रिकालीन चेकिंग और लिस्टेड अपराधियों की नियमित जांच को प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
कार्य में लापरवाही पर कार्रवाई
डीजीपी ने ट्रैफिक रेगुलेशन, केस डायरी, त्वरित गिरफ्तारी और थाना अमले से संवाद को गंभीरता से निभाने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य में लापरवाही पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा को लेकर सतर्कता
देशभर में हाल की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश को लगातार अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने 6 दिसंबर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और संवेदनशील मामलों में विशेष सावधानी बरतने की बात कही।
सीएम के निर्देशों का पालन
मुख्यमंत्री द्वारा की गई समीक्षा का उल्लेख करते हुए, मकवाना ने जिलों को पूरी सजगता और सक्रियता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस की उपस्थिति हर स्तर पर महसूस होनी चाहिए और जनता से सतत संवाद बनाए रखना आवश्यक है।
Amit Pateria