किसानों की मांगों को लेकर कांग्रेस का आगरा-मुंबई हाईवे पर चक्काजाम, CM आवास घेराव की चेतावनी

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किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस का हाईवे पर चक्काजाम, CM आवास घेराव की चेतावनी

किसानों की समस्याओं पर कांग्रेस का प्रदर्शन

मध्य प्रदेश में किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने गुरुवार को आगरा-बॉम्बे हाईवे पर खलघाट से लेकर मुरैना तक करीब 580 किलोमीटर के दायरे में 7 जगहों पर हाईवे जाम किया। कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक हुई, जबकि हजारों यात्री घंटों फंसे रहे।

शाजापुर के रोजवास टोल प्लाजा, ग्वालियर के निरावली तिराहे, इंदौर बायपास, महू और मुरैना सहित कई जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और हाईवे जाम कर प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने इस आंदोलन को किसानों की आवाज बताया, तो भाजपा ने इसे राजनीतिक स्टंट करार दिया।

जीतू पटवारी बोले- पंचायत स्तर पर करेंगे आंदोलन

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस ने सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया था। तय समय पूरा होते ही किसान और कार्यकर्ता सड़क से हट गए। उन्होंने कहा- अगर किसानों की मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन पंचायत स्तर तक ले जाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पीछे हटने वाली नहीं है। अगर सरकार फिर भी नहीं मानी, तो मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर तालाबंदी की जाएगी।

किसान सड़क पर फसल फेंक रहा, सरकार झालमुड़ी खा रही- सिंघार

खलघाट टोल टैक्स पर चक्काजाम खत्म होने के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश का किसान अपनी फसल सड़क पर फेंकने को मजबूर है, लेकिन सरकार कुंभकरण की नींद में सो रही है। अगर सरकार को सिर्फ बंगाल की राजनीति करनी है, तो मुख्यमंत्री वहीं चले जाएं, फिर मध्य प्रदेश में उनका क्या काम है।

सिंघार ने कहा कि किसान सब देख रहा है और अगर सरकार किसानों को रुलाएगी तो किसान भी सरकार को रुलाने का काम करेंगे। इस समय पूरी बीजेपी “झालमुड़ी खाने” में व्यस्त है। पश्चिम बंगाल की राजनीति दिखाई दे रही है, लेकिन किसानों का गेहूं और सोयाबीन दिखाई नहीं दे रहा।

सरकार का पलटवार- बच्चों की परीक्षा पर असर डाल रही कांग्रेस

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि जिस दिन 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं, उसी दिन चक्काजाम करना गैरजिम्मेदाराना है। अगर कांग्रेस थोड़ी समझदारी दिखाती तो बच्चों की परेशानी समझती। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा देने जा रहे छात्र प्रभावित हुए हैं और इसका श्राप कांग्रेस के माथे पर लगेगा।

चक्काजाम और प्रदर्शन की मुख्य घटनाएं

सड़क पर उतरी कांग्रेस, हाईवे पर लगा जाम

प्रदेश के कई जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाईवे जाम कर प्रदर्शन किया। शाजापुर के रोजवास टोल प्लाजा, ग्वालियर के निरावली तिराहे, इंदौर बायपास, महू और मुरैना समेत कई जगहों पर सुबह से कार्यकर्ता जुटने लगे थे।

शाजापुर जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर रोजवास टोल प्लाजा आंदोलन का बड़ा केंद्र बना। यहां उज्जैन, देवास, तराना और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचे। तराना विधायक महेश परमार के नेतृत्व में हाईवे पर प्रदर्शन किया गया।

प्रदर्शन के दौरान ट्रैक्टर हटाने को लेकर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

मुरैना और ग्वालियर में पुलिस कार्रवाई, नेताओं की गिरफ्तारी

मुरैना में कांग्रेस का चक्काजाम करीब एक घंटे तक चला, जबकि पहले पांच घंटे तक जाम की घोषणा की गई थी। बाद में पुलिस ने नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर ग्वालियर भेज दिया और धीरे-धीरे यातायात बहाल कराया।

ग्वालियर में नेशनल हाईवे-44 पर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं को प्रशासन ने पहले चेतावनी दी। एसडीएम ने हाईवे खाली करने के लिए दो मिनट का समय दिया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं हटे। इसके बाद पुलिस ने बलपूर्वक कार्रवाई कर नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर थाने भेज दिया।

इसी दौरान भिंड में कांग्रेस नेता राहुल भदौरिया और एक पुलिस आरक्षक के बीच झड़प भी हुई। बताया गया कि आरक्षक एक बुजुर्ग की गाड़ी निकलवा रहा था, इसी बात को लेकर बहस बढ़ गई।

जबरन जाम लगाने वालों पर कार्रवाई होगी- मुरैना एसपी

मुरैना एसपी धर्मराज मीणा ने चेतावनी दी कि जबरन जाम लगाने की कोशिश करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। एडिशनल एसपी ग्रामीण रूपेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर जाम खुलवाने की कोशिश कर रही थी। यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए ट्रैफिक डायवर्जन प्लान भी लागू किया गया।

Lokendra Mishra