कनाडा में फर्जी लाइसेंस से 17 साल तक उड़ाता रहा प्लेन, हजारों यात्री खतरे में

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कनाडा में फर्जी लाइसेंस से 17 साल तक उड़ाता रहा प्लेन, हजारों यात्री खतरे में

कनाडा में फर्जी लाइसेंस पर 17 साल तक प्लेन उड़ाता रहा पायलट; हजारों यात्रियों की जान खतरे में डालने का आरोप

कनाडा की एयरलाइन एयर कनाडा के पूर्व पायलट ज्योफ्री वॉल पर फर्जी लाइसेंस के सहारे 17 साल तक कमर्शियल फ्लाइट उड़ाने का आरोप लगा है। डिप्टी चीफ निक मिलिनोविच ने कहा कि आरोपी ने हजारों यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डाला।

पुलिस की जांच और आरोप

पुलिस के मुताबिक वॉल पर 5 हजार डॉलर से ज्यादा की धोखाधड़ी, पब्लिक मिसचीफ, फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल करने और नकली प्रमाण चिह्न रखने समेत कई आरोप लगाए गए हैं। 59 वर्षीय वॉल को 1 जून को गिरफ्तार किया गया।

मामला कैसे खुला?

ट्रांसपोर्ट कनाडा की जांच में दस्तावेजों में गड़बड़ी मिलने के बाद यह मामला सामने आया। आरोप है कि वॉल ने 1998 में एविएशन करियर शुरू किया था और 2009 में फर्जी क्रेडेंशियल के आधार पर पायलट-इन-कमांड यानी कप्तान का पद हासिल कर लिया। इसके बाद वह वर्षों तक हजारों यात्रियों को लेकर उड़ान भरता रहा। मामला तब खुला, जब पिछले साल पियर्सन एयरपोर्ट पर ट्रांसपोर्ट कनाडा की नियमित ऑपरेशनल जांच के दौरान उसके दस्तावेजों में कमियां मिलीं। इसके बाद ‘प्रोजेक्ट इकारस’ नाम से विस्तृत जांच शुरू की गई।

जांच एजेंसियां क्या पता लगा रही हैं?

अब जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि आरोपी ने फर्जी दस्तावेज कैसे तैयार किए और इतने लंबे समय तक सिस्टम की नजरों से कैसे बचा रहा।

L. N. Bhargava