कर्नाटक जाति सर्वेक्षण में 4.22 लाख परिवारों ने भाग लेने से किया इनकार

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कर्नाटक जाति सर्वेक्षण  में 4.22 लाख परिवारों ने भाग लेने से किया इनकार

कर्नाटक जाति सर्वेक्षण में 4.22 लाख परिवारों ने भाग लेने से किया इनकार

कर्नाटक के राज्य पिछड़ा आयोग ने जाति सर्वेक्षण को लेकर विस्तृत आंकड़े जारी किए हैं। आयोग ने बताया कि राज्य की अनुमानित जनसंख्या 6.86 करोड़ है, जिसमें से 6.13 करोड़ लोग इस सामाजिक और शैक्षिक सर्वेक्षण में भाग ले चुके हैं। हालांकि, 4.22 लाख परिवारों ने इसमें हिस्सा लेने से इनकार कर दिया है, और 34.49 लाख घर खाली पाए गए हैं।

सर्वेक्षण की समय सीमा बढ़ाई गई

यह सर्वेक्षण 22 सितंबर से शुरू हुआ और 7 अक्तूबर को समाप्त होना था। तय समय सीमा में काम पूरा न हो पाने पर इसे पहले 10 दिन और बाद में 31 अक्तूबर तक बढ़ा दिया गया। अब आयोग ने इसे 10 नवंबर तक बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिससे लोग ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकें।

सरकारी योजनाओं में मददगार

विभाग ने बयान जारी कर नागरिकों से आग्रह किया है कि इस सर्वेक्षण में भाग लें, क्योंकि इसके आंकड़ों का उपयोग सरकार नीतियों और योजनाओं को बनाने में करेगी। हालांकि, इस सर्वेक्षण को लेकर विवाद भी जारी है। विपक्ष इसे कांग्रेस सरकार की चुनावी रणनीति बता रहा है।

विवाद और प्रतिक्रिया

सर्वेक्षण पर विवाद तब बढ़ा जब इन्फोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति की पत्नी सुधा मूर्ति ने भाग लेने से इनकार कर दिया। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस पर प्रतिक्रिया दी। राज्य सरकार इसे अपनी कार्य कुशलता बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम मानती है।

Gulzar Ahmad