लिव-इन पर प्रज्ञा ठाकुर ने किया अनिरुद्धाचार्य के बयान का समर्थन

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लिव-इन पर प्रज्ञा ठाकुर ने किया अनिरुद्धाचार्य के बयान का समर्थन

लिव-इन पर प्रज्ञा ठाकुर ने किया अनिरुद्धाचार्य के बयान का समर्थन

भोपाल से पूर्व भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कथावाचक अनिरुद्धाचार्य द्वारा लिव-इन रिलेशनशिप और समाज में संस्कारहीनता पर दिए गए बयान का समर्थन किया है। प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि माता-पिता बच्चों को उचित संस्कार नहीं दे पाते, जिससे समाज में दुराचार बढ़ता है।

संस्कार और मर्यादा की शिक्षा पर जोर

प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि माता-पिता को बेटियों के साथ-साथ बेटों को भी अनुशासन और मर्यादा की शिक्षा देनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बेटों से भी पूछा जाना चाहिए कि वे कब घर लौटेंगे, जैसे बेटियों से पूछा जाता है। अनुशासन और मर्यादा के पालन से समाज में फैल रही विकृतियों को रोका जा सकता है।

संयुक्त परिवार की उपयोगिता

साध्वी प्रज्ञा ने संयुक्त परिवार की परंपरा को भारतीय संस्कृति का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि गुजरात जैसे राज्यों में यह परंपरा मजबूत है, जबकि कई अन्य राज्यों में लोग अकेले रहना पसंद करते हैं। उन्होंने संयुक्त परिवार को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।

अनिरुद्धाचार्य का बयान और प्रज्ञा का समर्थन

अनिरुद्धाचार्य ने लिव-इन रिलेशनशिप पर पहले एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने इसे समाज में बढ़ती पाश्चात्य सोच का परिणाम बताया। प्रज्ञा ठाकुर ने इस पर कहा कि भले ही अदालत कुछ भी कहे, लेकिन सनातन धर्म में लिव-इन रिलेशनशिप स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अनिरुद्धाचार्य की बातों को सटीक और आत्मविश्वासपूर्ण बताया।

समाज में मर्यादा की आवश्यकता

प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि यदि समाज में संस्कार और मर्यादा की शिक्षा दी जाए, तो रिश्तों की पहचान और सम्मान बनाए रखना संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि संस्कारहीनता के कारण समाज में दुराचार और विकृतियों का प्रसार हो रहा है।

समाप्ति में, प्रज्ञा ठाकुर ने भारतीय संस्कृति की रक्षा और संयुक्त परिवार की परंपरा को बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह न केवल समाज को जोड़ता है, बल्कि नई पीढ़ी को सही दिशा देने में सहायक है।