लोकसभा में एलपीजी संकट पर विपक्ष का हंगामा, स्पीकर बिरला की वापसी पर राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला

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लोकसभा में एलपीजी संकट पर विपक्ष का हंगामा, स्पीकर बिरला की वापसी पर राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला

लोकसभा में एलपीजी संकट पर विपक्ष का हंगामा, राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला

गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही हंगामेदार रही, जहां विपक्ष के सांसदों ने देश में एलपीजी सिलेंडर संकट के मुद्दे पर जोरदार प्रदर्शन किया। स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बुधवार को खारिज होने के बाद गुरुवार को वे दोबारा सदन की अध्यक्षता करने के लिए लौटे। कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने 'नरेंदर भी गायब, सिलेंडर भी गायब' के नारे लगाने शुरू कर दिए, जिसके चलते सदन को कई बार स्थगित करना पड़ा।

विपक्ष का एलपीजी सिलेंडर को लेकर प्रदर्शन और राहुल गांधी के आरोप

संसद परिसर में राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई सांसदों ने एलपीजी सिलेंडर की कथित कमी को लेकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन वह खुद घबराए हुए लग रहे हैं। राहुल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री एप्स्टीन अदाणी केस की वजह से परेशान हैं और सदन के अंदर उनकी कुर्सी खाली थी, जबकि वे देश से घबराने के लिए मना कर रहे हैं। विपक्ष ने संसद में एलपीजी की किल्लत पर चर्चा की मांग की, जिस पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार सदन में जवाब देगी।

स्पीकर ओम बिरला का सदन को संबोधन और व्यवस्था पर जोर

हंगामे के बीच स्पीकर ओम बिरला ने सदन को संबोधित करते हुए अच्छी परिपाटी बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पूरा देश सदन को देखता है और इसकी प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए सभी को प्रयास करना चाहिए। बिरला ने जोर दिया कि सदन नियम और प्रक्रिया से ही चलेगा, चाहे कोई सहमत हो या असहमत। उन्होंने अपने कार्यकाल में सभी महिला सदस्यों को बोलने का मौका देने और निलंबन जैसे कठोर निर्णय लेने की मजबूरी पर भी बात की। माइक बंद करने के आरोपों को खारिज करते हुए बिरला ने स्पष्ट किया कि चेयर के पास ऐसा कोई बटन नहीं होता। उन्होंने सदन के सदस्यों से मर्यादा बनाए रखने की अपील की और कहा कि नियमों के तहत किसी भी सदस्य को बोलने की आजादी है, लेकिन नियमों की सीमा में रहकर। बिरला ने यह भी स्पष्ट किया कि सदन में नियमों से ऊपर कोई नहीं है, यहां तक कि प्रधानमंत्री भी नहीं।

अन्य मुद्दे और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

इस बीच, राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर हमले का मुद्दा उठाया और उनकी सुरक्षा पर चिंता व्यक्त की। इस पर भाजपा सांसद जे.पी. नड्डा ने जांच का आश्वासन दिया और कांग्रेस पर निशाना साधा। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले को चौंकाने वाला बताया और एलपीजी मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग की। कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने बताया कि स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव केवल विरोध दर्ज कराने के लिए लाया गया था और उन्हें पता था कि यह पारित नहीं होगा। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने महंगाई और एलपीजी की कमी पर सरकार की आलोचना की।

Satyam Tripathi