लुधियाना में सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ा, बाढ़ का खतरा गहराया
पंजाब के लुधियाना में सतलुज नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो गई है। गांव ससराली के पास बने बांध में पिछले 48 घंटों से कटाव जारी है, जिससे किसानों के ट्यूबवेल बह गए और पानी रिंग बांध तक पहुंच गया। यह रिंग बांध मुख्य बांध से 700 मीटर की दूरी पर स्थित था, लेकिन अब वह भी खतरे में है।
प्रशासन और राहत टीमें सतर्क
स्थिति को संभालने के लिए आर्मी और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर तैनात की गई हैं। प्रशासन की ओर से कटाव रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर पानी और बढ़ा तो लुधियाना के 14 गांवों में बाढ़ आ सकती है।
इसके अलावा, शहरी इलाकों जैसे राहों रोड, टिब्बा रोड, ताजपुर रोड और नूरवाला रोड तक पानी पहुंचने की संभावना है। साहनेवाल के धनांसू इलाके में भी पानी भरने से लगभग 50 हजार लोग प्रभावित हो सकते हैं।
पंजाब में बाढ़ से अब तक 43 मौतें
पंजाब में बाढ़ ने अब तक 43 लोगों की जान ले ली है। राज्य सरकार के अनुसार, 21,929 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है और 196 राहत कैंप बनाए गए हैं, जहां 7,108 लोग शरण लिए हुए हैं। राज्यभर में 1.72 लाख हेक्टेयर खेती की जमीन को नुकसान पहुंचा है।
अब तक 23 जिले और 1,948 गांव बाढ़ की चपेट में आए हैं, जिससे 3.84 लाख की आबादी प्रभावित हुई है। केंद्रीय टीमें भी प्रभावित इलाकों का दौरा कर रही हैं और रिपोर्ट तैयार कर रही हैं।
सांस्कृतिक धरोहर की सुरक्षा
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने सतलुज के तेज बहाव से आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त लक्ष्मी नारायण मंदिर की सुरक्षा के लिए 1.27 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। इसके अलावा, 479 बुजुर्गों को भी सहायता प्रदान की गई है।
यह स्थिति सरकार और प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है। राहत कार्यों को और तेज करने और भविष्य में ऐसी आपदाओं से बचाव के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।