मध्य प्रदेश के राजस्व मंत्री ने भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख अपनाया, रिश्वतखोरों को बताया राष्ट्रद्रोही

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मध्य प्रदेश  के  राजस्व मंत्री  ने  भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख  अपनाया,  रिश्वतखोरों को बताया राष्ट्रद्रोही

मध्य प्रदेश के राजस्व मंत्री का भ्रष्टाचार पर कड़ा बयान: रिश्वतखोरों को बताया राष्ट्रद्रोही

मध्य प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने राजगढ़ में भ्रष्टाचार को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि "जो रिश्वत लेता है, वह राष्ट्रद्रोही है।" मंत्री वर्मा ने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि "चाहे मैं हूं या कोई भी हो," रिश्वत लेना गलत है। उन्होंने खुद को एक किसान बताते हुए कहा कि उन्होंने आठ चुनाव जीते हैं और जनता ने उन पर विश्वास किया है, लेकिन उनका कभी रिश्वत लेने का मन नहीं करता।

"बेईमान आदमी नहीं छोड़ता अपनी आदत"

राजस्व मंत्री ने बेईमान व्यक्तियों की प्रवृत्ति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कोई भी बेईमान व्यक्ति, चाहे वह किसी भी पद पर हो, अपनी आदत नहीं छोड़ता। मंत्री वर्मा ने दावा किया कि उन्होंने कई तहसीलदारों को भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित किया है, जिनमें राजगढ़, आष्टा और सिवनी के तहसीलदार शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जब वे किसी अधिकारी को गलती करते देखते हैं, तो उस पर कार्रवाई करते हैं।

मंत्री वर्मा की ईमानदारी का दावा और लाड़ली बहना योजना पर यू-टर्न

मंत्री वर्मा ने अपनी व्यक्तिगत ईमानदारी का उदाहरण भी दिया। उन्होंने बताया कि वे इंदौर में सर्किट हाउस में मिलने वाली चाय और नाश्ते को भी स्वीकार नहीं करते, बल्कि अपने खाने के लिए टिफिन में रोटी बांधकर लाते हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वे सरपंच के यहां से मांग लेते हैं।

इससे पहले, मंत्री करण सिंह वर्मा लाड़ली बहना योजना की लाभार्थियों को धमकाने के बयान को लेकर सुर्खियों में आए थे। उन्होंने सीहोर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि यदि लाभार्थी सरकारी कार्यक्रमों में शामिल नहीं होंगी, तो उनके नाम योजना से काट दिए जाएंगे। हालांकि, बाद में वे अपने इस बयान से पलट गए थे। अगले ही दिन उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि यह योजना बहनों के सम्मान से जुड़ी है और इसे कोई भी समाप्त नहीं कर सकता। उन्होंने अपने बयान से किसी को ठेस पहुंचने पर खेद भी व्यक्त किया था।

Sachin Saxena