मध्य प्रदेश में संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल , 9 मांगों पर आंदोलन

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मध्य प्रदेश  में  संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों  की  हड़ताल ,  9 मांगों  पर  आंदोलन

मध्य प्रदेश में संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल, 9 मांगों पर आंदोलन

मध्य प्रदेश में संविदा और आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी 9 प्रमुख मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है। प्रदेश के 30 हजार से अधिक कर्मचारी 23 और 24 फरवरी 2026 को सामूहिक हड़ताल पर रहेंगे और राजधानी भोपाल में 'हल्ला बोल' प्रदर्शन करेंगे। इससे पहले, 16, 17 और 18 फरवरी 2026 को कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर काम किया।

असुरक्षित भविष्य और शोषण का आरोप

कर्मचारियों का आरोप है कि सालों से सेवाएं देने के बावजूद उनका स्थायीकरण नहीं किया गया है, जिससे पूरे प्रदेश में गहरा आक्रोश है। शासकीय मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी स्वास्थ्य केंद्र, संजीवनी क्लिनिक और पोषण पुनर्वास केंद्रों में आउटसोर्स कर्मचारी 12 से 14 घंटे तक कार्य करते हैं। उनका दावा है कि वे अस्पतालों की रीढ़ की हड्डी हैं, फिर भी उन्हें स्थायी दर्जा या भविष्य की सुरक्षा नहीं दी गई है।

सरकार पर दोहरी नीति का आरोप

संघ का कहना है कि सरकार की दोहरी और दमनकारी नीति के कारण अधिकारियों और निजी आउटसोर्स एजेंसियों द्वारा लगातार शोषण किया जा रहा है। कई बार ज्ञापन और प्रदर्शनों के माध्यम से शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी के विरोध में अब यह चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया गया है।

23-24 फरवरी को भोपाल में प्रदर्शन

मध्य प्रदेश संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने स्पष्ट किया है कि 23 और 24 फरवरी 2026 को प्रदेशभर के आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी सामूहिक हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान वे राजधानी भोपाल में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री से अपनी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील करेंगे।

9 प्रमुख मांगें

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत सेवाएं दे चुके कर्मचारियों का तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर समायोजन या संविदा में बिना शर्त विलय, न्यूनतम 21 हजार रुपए वेतन, 11 माह के एरियर का भुगतान, निजी एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट कर सीधे खातों में वेतन, शासकीय छुट्टियां, नियमित भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण, स्वास्थ्य बीमा और ग्रेच्युटी का लाभ शामिल है। संघ की प्रदेश अध्यक्ष कोमल सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

Bhavanesh Soni