मध्यप्रदेश के आगामी बजट पर संवाद, विशेषज्ञों और जनता से सुझाव
मध्यप्रदेश सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट तैयारी की प्रक्रिया में विभिन्न वर्गों की सहभागिता बढ़ा रही है। इसी क्रम में भोपाल में 'बजट पर संवाद' कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसमें राज्य के उप मुख्यमंत्री और वित्त व वाणिज्यिक कर विभाग के मंत्री जगदीश देवड़ा विभिन्न क्षेत्रों के विषय विशेषज्ञों से चर्चा करेंगे।
'बजट पर संवाद' कार्यक्रम का आयोजन
'बजट पर संवाद' कार्यक्रम 22 दिसम्बर को सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग कल्याण संचालनालय, भोपाल में आयोजित हो रहा है। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा इस कार्यक्रम के माध्यम से आगामी बजट को अधिक जनोपयोगी और प्रभावशाली बनाने के लिए विशेषज्ञों के बहुमूल्य सुझाव लेंगे। यह लगातार पांचवां वर्ष है जब राज्य सरकार द्वारा 'बजट पर संवाद' कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की भागीदारी
कार्यक्रम में बैंकिंग, अर्थशास्त्र, वित्त आयोग और उद्योग क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ-साथ कृषि, उद्यान, चिकित्सा, चार्टर्ड एकाउंटेंसी और फिल्म जैसे क्षेत्रों में सफलता पूर्वक कार्य कर रहे हितधारकों को भी आमंत्रित किया गया है। वित्त विभाग उप मुख्यमंत्री देवड़ा के निर्देशन में बजट तैयारी कर रहा है और इसके लिए बैंकिंग, ग्रामीण विकास, जनजाति, आर्थिक एवं वाणिज्यिक क्षेत्र, जेंडर बजट और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों के विशेषज्ञों से भी सुझाव लिए जा रहे हैं।
गरीब, किसान, युवा और नारी शक्ति पर विशेष ध्यान
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि आगामी बजट में गरीब, किसान, युवा और नारी शक्ति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। 'बजट पर संवाद' के माध्यम से सरकार इन वर्गों से संबंधित नीतियों और योजनाओं को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए विशेषज्ञों की राय जुटा रही है, ताकि विकासोन्मुख बजट तैयार किया जा सके।
आम जनता से भी सुझाव आमंत्रित
सरकार ने केवल विशेषज्ञों तक सीमित न रहकर आम जनता से भी व्यापक स्तर पर सुझाव मांगे हैं। नागरिक अपने सुझाव समाचार पत्रों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (https://mp.mygov.in/group-issue/mpbudget/), दूरभाष (0755-2700800), ई-मेल ([email protected]) और पत्राचार के माध्यम से भेज सकते हैं।
जनभागीदारी से मजबूत होगा बजट
सरकार का मानना है कि मध्यप्रदेश विकास की राह पर निरंतर आगे बढ़ रहा है और ऐसे में आम जनता की सहभागिता से बजट को और सुदृढ़ बनाया जा सकता है। सुझावों के माध्यम से नागरिक प्रदेश की प्रगति और समृद्धि में अपनी भूमिका निभा सकेंगे, जिससे आगामी बजट अधिक समावेशी और जनोन्मुख होने की उम्मीद है।
Satyam Tripathi