मध्यप्रदेश में जहरीले कफ सिरप का खुलासा, 16 बच्चों की मौत के बाद जांच तेज
मध्यप्रदेश में छिंदवाड़ा जिले में किडनी फेल होने से 16 बच्चों की मौत के बाद औषधि निरीक्षण तेज कर दिया गया है। सोमवार को मध्यप्रदेश फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की जांच रिपोर्ट में गुजरात में बने दो कफ सिरप - री लाइफ और रेस्पिफ्रेस टीआर - में खतरनाक केमिकल डायएथिलीन ग्लाइकॉल की अधिक मात्रा पाई गई है। यह वही रसायन है, जो पहले कोल्ड्रिफ कफ सिरप में पाया गया था।
जांच में मिले खतरनाक सिरप
26 से 28 सितंबर 2025 तक छिंदवाड़ा जिले में औषधि निरीक्षकों ने औषधि विक्रय संस्थानों और अस्पतालों का संयुक्त निरीक्षण किया था। इस दौरान कुल 19 दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे गए। रिपोर्ट में चार कफ सिरप मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें कफ सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकॉल की अनुमेय मात्रा अधिकतम 0.1 प्रतिशत है, लेकिन जांच में इसकी मात्रा अधिक पाई गई। इन सिरप से किडनी फेल और ब्रेन डैमेज का खतरा है।
पहले भी लगाए गए थे प्रतिबंध
कोल्ड्रिफ और नेक्स्ट्रो-डीएस कफ सिरप पर पहले ही प्रतिबंध लगाया जा चुका है। इंदौर में बने डिफ्रॉस्ट सिरप को भी बाजार से वापस बुलाने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अलावा, औषधि महानियंत्रक (भारत सरकार) और हिमाचल प्रदेश एवं तमिलनाडु के औषधि नियंत्रकों को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।
सरकार का सख्त रुख
मध्यप्रदेश सरकार ने सभी औषधि निर्माताओं, निरीक्षकों, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों और मेडिकल कॉलेजों के डीन को एडवाइजरी जारी की है। इसमें क्लोरफेनिरामाइन मलेट और फिनाइलफ्रिन एचसीएल जैसे रसायनों के उपयोग पर विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इन रसायनों का उपयोग छोटे बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
SIT करेगी गहराई से जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जबलपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट और मंडला जिलों के औषधि निरीक्षकों को शामिल कर एक विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है। यह दल दोषियों की जवाबदेही तय करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दोषियों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
ड्रग कंट्रोलर और अफसरों पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने छिंदवाड़ा में पीड़ित बच्चों के परिजनों से मुलाकात के बाद मध्यप्रदेश के ड्रग कंट्रोलर दिनेश मौर्य को हटा दिया। साथ ही, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के उपसंचालक शोभित कोष्टा, छिंदवाड़ा के ड्रग इंस्पेक्टर गौरव शर्मा और जबलपुर ड्रग इंस्पेक्टर शरद जैन को सस्पेंड करने के निर्देश दिए गए हैं।