मध्यप्रदेश विधानसभा का सबसे लंबा बजट सत्र, 16 फरवरी से 6 मार्च तक कार्यवाही

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मध्यप्रदेश विधानसभा का सबसे लंबा बजट सत्र, 16 फरवरी से 6 मार्च तक कार्यवाही

मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक

मध्यप्रदेश विधानसभा का आगामी बजट सत्र मौजूदा सरकार के कार्यकाल का सबसे लंबा सत्र होने जा रहा है। यह सत्र कुल 19 दिन का होगा, जिसमें 12 दिन सदन की कार्यवाही संचालित की जाएगी। विधानसभा सचिवालय ने गुरुवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।

सत्र की समय-सारिणी और प्रमुख कार्यक्रम

बजट सत्र की शुरुआत 16 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। इसके बाद 17 और 18 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा निर्धारित की गई है। सत्र का समापन 6 मार्च को होगा। सत्र की अवधि के दौरान होली का त्योहार भी शामिल रहेगा।

संभावना व्यक्त की गई है कि 19 फरवरी को डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा वित्त वर्ष 2026-27 का बजट विधानसभा में पेश करेंगे। इसके अलावा 20 फरवरी, 27 फरवरी और 6 मार्च को प्राइवेट मेंबर बिल और अशासकीय संकल्पों पर चर्चा के लिए दिन निर्धारित किए गए हैं।

पिछले वर्ष के सत्र से तुलना

वर्ष 2025 में बजट सत्र 10 मार्च से 24 मार्च तक चला था। वह सत्र 15 दिन का रहा, लेकिन उस दौरान सदन की बैठकें सिर्फ 9 दिन ही आयोजित हुई थीं। इस बार सत्र की कुल अवधि और बैठकों की संख्या, दोनों में वृद्धि की गई है।

विधायकों के लिए प्रस्ताव और समय-सीमाएं

विधानसभा सचिवालय के अनुसार विधायक 4 फरवरी तक अशासकीय विधेयकों की सूचना दे सकेंगे। अशासकीय संकल्पों के लिए 5 फरवरी तक प्रस्ताव लिए जाएंगे। वहीं 10 फरवरी तक स्थगन प्रस्ताव, ध्यानाकर्षण और नियम 267-क से संबंधित सूचनाएं स्वीकार की जाएंगी।

इन निर्धारित तिथियों के माध्यम से विधायकों को विभिन्न मुद्दों पर प्रस्ताव तैयार करने और उन्हें समय पर सदन के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया जा रहा है। बजट सत्र के दौरान वित्तीय प्रावधानों के साथ-साथ नीतिगत और सार्वजनिक महत्व के विषयों पर भी व्यापक चर्चा की संभावनाएं बनी रहेंगी।

Adarsh Chaurasiya