मोदी-जिनपिंग की नई कूटनीति पर चर्चा

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मोदी-जिनपिंग  की नई कूटनीति पर चर्चा

मोदी-जिनपिंग की नई कूटनीति पर चर्चा

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक पत्र लिखकर अमेरिका और भारत के बीच हो रहे सौदों से चीन के हितों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की थी। इस पत्र में भारत और चीन के संबंधों को सुधारने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।

भारत-चीन संबंधों में सुधार की पहल

रिपोर्ट के अनुसार, यह पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक भी पहुंचाया गया, ताकि भारत-चीन संबंधों को बेहतर बनाने की दिशा में संभावनाओं का आकलन किया जा सके। शी जिनपिंग ने भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते व्यापारिक संबंधों से चीन के हितों को नुकसान की आशंका जताई और इस प्रक्रिया में सुधार की पहल के लिए एक प्रांतीय अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी।

ट्रम्प की नीतियों का अप्रत्यक्ष असर

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट बताती है कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नीतियों, खासकर भारत पर लगाए गए टैरिफ, ने भारत-चीन को करीब आने का मौका दिया। भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव ने भारत को चीन के साथ बेहतर संबंध बनाने की ओर प्रेरित किया।

अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (SCO) समिट के लिए चीन जा रहे हैं। इस यात्रा को भारत-चीन संबंधों में एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात क्षेत्रीय और वैश्विक कूटनीति के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

इस प्रकार, भारत-चीन के बीच संबंधों में सुधार की यह प्रक्रिया दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक हितों के लिए लाभदायक हो सकती है।