मोदी और ट्रम्प की फोन बातचीत, भारत-अमेरिका रिश्तों पर मंथन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से फोन पर बात कर द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार और रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की। बातचीत को दोनों पक्षों ने सकारात्मक और गर्मजोशी भरी बताया।
द्विपक्षीय रिश्ते, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा
मोदी ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका संबंधों में अब तक हुई प्रगति का जायजा लिया। इसके साथ ही क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। दोनों देशों ने वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए मिलकर काम जारी रखने पर सहमति जताई।
व्यापार, तकनीक और सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग पर जोर
फोन वार्ता में व्यापार संबंध मजबूत करने को प्राथमिकता दी गई। दोनों पक्षों ने उच्च तकनीक, ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। हाल के महीनों में टैरिफ और ट्रेड घाटे को लेकर बने तनाव को दूर करने की दिशा में भी इसे एक प्रयास माना जा रहा है।
इस साल छठी बार फोन पर बात
मोदी और ट्रम्प के बीच यह इस वर्ष छठी फोन बातचीत थी। जनवरी में मोदी ने ट्रम्प को राष्ट्रपति पद संभालने पर बधाई दी थी। इसके बाद अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले पर संवेदना, जून में निमंत्रण, सितंबर में जन्मदिन की बधाई और अक्टूबर में दिवाली शुभकामनाओं के सिलसिले में भी दोनों के बीच फोन पर संपर्क हुआ था।
ट्रेड टीम की भारत यात्रा और नई डील की तैयारी
इसी बीच अमेरिका की एक उच्चस्तरीय ट्रेड टीम भारत दौरे पर है, जिसका नेतृत्व अमेरिकी डिप्टी ट्रेड प्रतिनिधि रिक स्विट्जर कर रहे हैं। इस दौरे का उद्देश्य नई द्विपक्षीय ट्रेड डील के पहले चरण को अंतिम रूप देना है, ताकि लंबे समय से लंबित समझौते पर ठोस प्रगति हो सके।
पिछले कुछ समय में अमेरिका ने भारत के उच्च टैरिफ और व्यापार घाटे का हवाला देते हुए कई उत्पादों पर 25 प्रतिशत शुल्क लगा दिया था। इससे दोनों देशों के निर्यात और आयात पर असर पड़ा और व्यापारिक रिश्तों में खटास आई। अमेरिका का मानना है कि द्विपक्षीय व्यापार असंतुलित है और इस अंतर को कम करने के लिए टैरिफ बढ़ाए गए थे।
2030 तक 500 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य
भारत और अमेरिका ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा स्तर से बढ़ाकर 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जुलाई 2025 के दौरान भारत का अमेरिका को निर्यात 21.64 प्रतिशत बढ़कर 33.53 अरब डॉलर पर पहुंचा, जबकि आयात 12.33 प्रतिशत बढ़कर 17.41 अरब डॉलर हो गया।
इस अवधि में अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना रहा और दोनों के बीच कुल 12.56 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। आंकड़ों से स्पष्ट है कि भारत का अमेरिका को निर्यात लगातार बढ़ रहा है, जिसे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
निष्कर्ष: रणनीतिक साझेदारी की नई दिशा
मोदी और ट्रम्प की ताजा फोन बातचीत को भारत-अमेरिका संबंधों को नई गति देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। जहां एक ओर व्यापार और टैरिफ को लेकर मौजूद मतभेदों को पाटने की कोशिश हो रही है, वहीं दूसरी ओर रक्षा, सुरक्षा, ऊर्जा और तकनीक में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। ट्रेड टीम की भारत यात्रा और महत्वाकांक्षी व्यापार लक्ष्य यह संकेत देते हैं कि दोनों देश आने वाले वर्षों में अपनी रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को और गहरा करने के इच्छुक हैं।
Pushpendra Chaubey