मध्यप्रदेश विधानसभा में 'औकात में रहो' टिप्पणी पर जमकर हंगामा, मुख्यमंत्री ने मांगी माफी
मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को अदाणी मुद्दे पर तीखी नोकझोंक, भागीरथपुरा मौत कांड पर टकराव और लाड़ली बहना योजना को लेकर सवालों के बीच दिनभर गरमागरम माहौल रहा। अंततः राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव को सदन ने मंजूरी दी और कार्यवाही शुक्रवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई।
संसदीय कार्य मंत्री की टिप्पणी और हंगामा
कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने सदन के बाहर थाली बजाकर प्रदर्शन किया और बजट को “ख्याली पुलाव” बताया। सदन के भीतर, अदाणी को लेकर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार बिजली खरीद के नाम पर 25 साल में एक से सवा लाख करोड़ रुपए देने की तैयारी में है। इस पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सबूत मांगे। बहस बढ़ने पर विजयवर्गीय की “औकात में रहो” टिप्पणी के बाद करीब 40 मिनट तक जोरदार हंगामा हुआ और कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
मुख्यमंत्री और मंत्री की माफी
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा—“गुस्सा दिखना चाहिए, आना नहीं चाहिए।” विवाद के बाद कैलाश विजयवर्गीय ने अपने व्यवहार पर खेद व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा—“जाने-अनजाने में कोई शब्द निकले हों तो मैं माफी मांगता हूं।” इसके बाद उमंग सिंघार ने भी खेद जताया और मामला शांत हुआ। हालांकि, मीडिया से बात करते हुए विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री की माफी पर कहा, "कप्तान हैं मुख्यमंत्री..मुख्यमंत्री ने माफी मांगी तो क्या हो गया यार।" वहीं, सिंघार ने मंत्री की टिप्पणी को सदन की गरिमा के खिलाफ बताया।
कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
मंत्री विजयवर्गीय की टिप्पणी से भड़के यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शिवाजी नगर में उनका पुतला दहन किया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि विजयवर्गीय की टिप्पणी प्रदेश की 8 करोड़ जनता का अपमान है और यह "सत्ता के अहंकार की पराकाष्ठा" है। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेशभर में नरेंद्र मोदी और कैलाश विजयवर्गीय के पुतले जलाकर विरोध किया जाएगा।
विभिन्न मुद्दों पर चर्चा और आरोप-प्रत्यारोप
सदन में कई अन्य मुद्दों पर भी बहस हुई। सिंघार ने दो साल से नई लाड़ली बहनों के पंजीयन बंद होने, आउटसोर्स भर्ती में आरक्षण न होने, ब्रांडिंग पर 200 करोड़ खर्च और GIS पर 81 करोड़ रुपए के उपयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने साइबर फ्रॉड और किसानों के 1.69 लाख करोड़ कर्ज का मुद्दा भी उठाया। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों पर विपक्ष ने मंत्रियों के इस्तीफे की मांग की, जबकि सरकार ने 22 मृतकों को मुआवजा देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने एक आईएएस अधिकारी के निलंबन और कार्रवाई का जिक्र किया।
मुख्यमंत्री का सरकार का बचाव
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सदन में सरकार का बचाव करते हुए कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी दर सबसे कम (1–1.25% के आसपास) है। उन्होंने 40 मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, किसानों को MSP के तहत 2300 करोड़ रुपए और बजट में वृद्धि का जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने डेयरी नेटवर्क को 26 हजार गांवों तक ले जाने और सौर ऊर्जा के साथ खेती की नीति पर भी काम जारी होने की बात कही।
सदन का समापन
दिनभर के हंगामे और आरोप-प्रत्यारोप के बीच अंततः कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव पारित हुआ। अध्यक्ष ने दोनों पक्षों से मर्यादा बनाए रखने की अपील की और विधानसभा की कार्यवाही शुक्रवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई।
Amit Pateria