नेपाल चुनाव: कांग्रेस-वामपंथी पार्टियों का सफाया, RSP ने मचाई धूम, बालेन शाह PM के दावेदार
नेपाल में जारी आम चुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझानों में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने एक अभूतपूर्व प्रदर्शन किया है। सिर्फ चार साल पहले बनी इस पार्टी ने पारंपरिक राजनीतिक दलों को चौंकाते हुए सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरने के संकेत दिए हैं। मतगणना 9 मार्च तक पूरी होने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी का उदय और प्रमुख दावेदार
पत्रकार रवि लामिछाने द्वारा स्थापित राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने 36 सीटों पर जीत दर्ज की है और 83 अन्य सीटों पर आगे चल रही है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, पार्टी 23 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है और 95 अन्य पर बढ़त बनाए हुए है। काठमांडू के पूर्व मेयर और रैपर बालेन शाह के प्रधानमंत्री पद के दावेदार बनने के बाद से पार्टी की लोकप्रियता में काफी वृद्धि हुई है। बालेन शाह झापा-5 सीट पर पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से भारी बढ़त बनाए हुए हैं, जहाँ उन्हें 39,284 वोट मिले हैं जबकि ओली को 10,293 वोट प्राप्त हुए हैं। आनुपातिक प्रतिनिधित्व (प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन) की मतगणना में भी RSP 54.8% वोटों के साथ आगे है। पार्टी अध्यक्ष रवि लामिछाने ने चितवन-2 सीट से लगातार तीसरी बार चुनाव जीता है, जबकि पहले अमेरिकी नागरिकता से जुड़े विवाद के कारण उनका सांसद पद रद्द हो गया था।
पारंपरिक दलों को झटका
नेपाल की पुरानी और स्थापित राजनीतिक पार्टियां, जैसे नेपाली कांग्रेस, नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (CPM-UML), इन चुनावों में खराब प्रदर्शन कर रही हैं। नेपाली कांग्रेस के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार गगन थापा सरलाही-4 सीट पर छह हजार वोटों से पीछे चल रहे हैं। CPM-UML के केपी शर्मा ओली भी झापा-5 सीट पर बालेन शाह से काफी पीछे हैं। पुरानी तीन बड़ी पार्टियों के शीर्ष नेताओं में से केवल पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' ही रुकुम ईस्ट-1 सीट से अपनी जीत दर्ज कर सके। यह चुनाव पारंपरिक गठबंधन सरकारों के पैटर्न को तोड़ता दिख रहा है, जहां RSP अकेले बहुमत की ओर बढ़ती नजर आ रही है।
चुनाव प्रणाली और कम मतदान
नेपाल में मिश्रित चुनाव प्रणाली लागू है, जहाँ 275 में से 165 सीटों पर सीधे चुनाव होते हैं और शेष 110 सीटें पार्टियों को मिले कुल वोट प्रतिशत के आधार पर मिलती हैं। इस बार के संसदीय चुनाव में कुल 58.07 प्रतिशत मतदान हुआ, जो 1990 में लोकतंत्र की बहाली के बाद से सबसे कम दर्ज किया गया है।
प्रमुख मुद्दे और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इस चुनाव में युवाओं का बड़े पैमाने पर रोजगार के लिए विदेश पलायन एक अहम मुद्दा बनकर उभरा, जिस पर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने चुनावी वादों में ध्यान केंद्रित किया। चीन ने नेपाल को चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए बधाई दी है, चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने नेपाल के राजनीतिक एजेंडे को आसानी से आगे बढ़ाने पर खुशी व्यक्त की।
परिणामों का महत्व
राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर लोक राज बराल जैसे विशेषज्ञों का मानना है कि यह चुनाव नेपाल की राजनीति में एक नए युग का संकेत है, जहाँ पुरानी पार्टियों से असंतोष और बालेन शाह जैसे नए चेहरों की लोकप्रियता ने RSP को भारी समर्थन दिलाया है। काठमांडू के मेयर के रूप में बालेन शाह की साफ छवि को भी इस समर्थन का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। हालांकि, यह भी कहा गया है कि ऐसी लहरें तभी स्थायी होंगी जब नई सरकार लोगों की अपेक्षाओं पर खरी उतरेगी।
Amit Pateria