नेपाल चुनाव संपन्न: 60% मतदान दर्ज, PM कार्की का रोल पूरा, नई सरकार को सत्ता हस्तांतरण

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नेपाल चुनाव संपन्न: 60% मतदान दर्ज, PM कार्की का रोल पूरा, नई सरकार को सत्ता हस्तांतरण

नेपाल में आम चुनाव संपन्न: 60% मतदान, PM कार्की ने किया सत्ता हस्तांतरण का आह्वान

नेपाल में आम चुनाव के लिए गुरुवार को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान हुआ, जिसमें चुनाव आयोग के अनुसार दोपहर तक लगभग 60% वोटिंग दर्ज की गई। दूरदराज के इलाकों में मतदान जारी रहने के कारण अंतिम आंकड़ा जल्द जारी किया जाएगा। मुख्य चुनाव आयुक्त राम प्रसाद भंडारी ने 65% से अधिक मतदान की उम्मीद जताई है। वोटों की गिनती रात 12 बजे से शुरू होगी, और 165 सीटों के शुरुआती नतीजे 3 से 4 दिनों में, जबकि पूर्ण परिणाम लगभग 15 दिनों में आने की संभावना है।

अंतिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की और प्रमुख दावेदार

अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने काठमांडू के धापासी स्थित मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला। मतदान के बाद उन्होंने कहा कि उनका "रोल अब पूरा हो चुका है" और वह जल्द से जल्द नई चुनी हुई सरकार को सत्ता सौंपना चाहती हैं। उन्होंने चुनाव को "सादा, शांतिपूर्ण और बिना किसी खून-खराबे के" संपन्न होने पर खुशी जताई। यह चुनाव सितंबर 2025 में हुए युवाओं के हिंसक प्रदर्शनों के बाद हो रहा है, जिसने तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार गिरा दी थी। इस चुनाव में काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह, नेपाली कांग्रेस के गगन थापा और केपी शर्मा ओली को प्रधानमंत्री पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है।

युवाओं की भागीदारी और चुनाव प्रणाली

नेपाल चुनाव आयोग के अनुसार, इस बार Gen Z (युवा मतदाताओं) ने चुनाव में काफी उत्साह के साथ हिस्सा लिया। लगभग 10 लाख नए Gen-Z मतदाताओं ने पंजीकरण कराया था और बड़ी संख्या में मतदान किया। नेपाल में 2015 से मिश्रित चुनाव प्रणाली लागू है, जिसके तहत संसद की कुल 275 सीटों में से 165 सांसद सीधे जनता द्वारा चुने जाते हैं, जबकि बाकी 110 सीटें अनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली से भरी जाती हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ने शांतिपूर्ण मतदान की जानकारी दी, हालांकि शुरुआती चुनावों की तुलना में इस बार लगभग 5% वोट अमान्य होने की आशंका जताई जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय नजरें और प्रमुख चुनावी मुद्दे

नेपाल के इस संसदीय चुनाव पर सिर्फ देश ही नहीं, बल्कि अमेरिका, चीन और भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी कड़ी नजर है। दक्षिण एशिया में रणनीतिक महत्व और राजनीतिक प्रभाव को लेकर अमेरिका और चीन के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में नेपाल का महत्व बढ़ गया है। अमेरिका किसी भी लोकतांत्रिक सरकार के साथ काम करने को तैयार है, जबकि भारत शांतिपूर्ण और स्थिर लोकतांत्रिक सरकार का गठन चाहता है। चीन भी स्थिति पर सतर्कता से नजर बनाए हुए है। देश में रोजगार के सीमित अवसरों के कारण युवाओं का बड़े पैमाने पर विदेश जाना एक अहम चुनावी मुद्दा बनकर उभरा है, जिसे सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपने घोषणापत्रों में शामिल कर रहे हैं।

गठबंधन सरकार की संभावना

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलना मुश्किल है, और चुनाव के बाद फिर से गठबंधन की राजनीति देखने को मिल सकती है। सरकार बनाने के लिए किसी पार्टी या गठबंधन को 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में कम से कम 138 सीटों की आवश्यकता होगी।

Bhavanesh Soni