नेपाल हिंसा में फंसे 14 भारतीय, सुरक्षित वापसी की अपील
नेपाल में जारी हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के बीच मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के 14 भारतीय नागरिक काठमांडू के एक होटल में फंसे हुए हैं। इनमें चार परिवार शामिल हैं, जिनमें बच्चे भी हैं। ये परिवार सुरक्षित वतन वापसी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं।
हिंसा से बढ़ा डर का माहौल
काठमांडू में फंसे परिवारों ने बताया कि होटल के बाहर आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं हो रही हैं। इससे इलाके में दहशत का माहौल है। हिंसा के कारण कई जगहों पर संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है और कई लोगों की मौत भी हुई है।
स्थानीय नेताओं ने दिया भरोसा
छतरपुर की विधायक ललिता यादव ने फंसे हुए परिवारों से संपर्क किया और उन्हें सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी सोशल मीडिया पर कहा कि प्रदेश के नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
होटल में फंसे परिवारों की स्थिति
छतरपुर के व्यापारी पप्पू मातेले, ट्रांसपोर्ट व्यवसायी निर्देश अग्रवाल और अन्य परिवार 6 सितंबर को नेपाल घूमने गए थे। 10 सितंबर को काठमांडू के हालात अचानक खराब हो गए। परिवारों ने वीडियो और कॉल के जरिए मदद की अपील की है।
परिवारों की चिंता
फंसे हुए लोगों के परिजन बेहद चिंतित हैं। कुछ परिजनों ने बताया कि होटल से बाहर निकलना असुरक्षित है। वहीं, इंटरनेट और फोन कनेक्टिविटी भी सीमित है, जिससे संपर्क में मुश्किल हो रही है।
नेपाल में जारी हिंसा से बचाव के लिए भारत सरकार की सक्रियता और जल्द कार्रवाई जरूरी है। इन परिवारों को सुरक्षित वापस लाने से रिश्तों में मजबूती और नागरिकों की सुरक्षा का विश्वास बढ़ेगा।