बीजेपी 7 लाख कार्यकर्ताओं के लिए ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन करेगी
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अपने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण दे रही है। जिला और मंडल स्तर पर प्रशिक्षण वर्ग पूरे होने के बाद, अब <बीजेपी> बूथ और मंडल स्तर की टीमों में शामिल लगभग 7 लाख कार्यकर्ताओं को डिजिटल लर्निंग सिखाने जा रही है।
संगठन ऐप के जरिए मिलेगी ट्रेनिंग
<बीजेपी> की 65 हजार से अधिक बूथ समितियों में शामिल कार्यकर्ताओं और मंडल स्तर के 6 मोर्चों की कार्यकारिणी में शामिल पदाधिकारियों को संगठन ऐप के माध्यम से डिजिटल लर्निंग यानी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण में चार पाठ्यक्रम संगठन ऐप पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
पाठ्यक्रम और प्रक्रिया
इन पाठ्यक्रमों में <बीजेपी> की विचारधारा, पार्टी का सफर, नेतृत्व और मोदी सरकार की विकास योजनाएं जैसे विषय शामिल होंगे। कार्यकर्ता अपने मोबाइल पर हर पाठ्यक्रम के वीडियो देखकर, उस पाठ्यक्रम से संबंधित शब्दावली के उत्तर ऑनलाइन दर्ज करेंगे। चारों पाठ्यक्रमों के सवाल-जवाब पूरे होने के बाद, उनके मोबाइल पर प्रशिक्षित होने का सर्टिफिकेट जनरेट होगा।
इस प्रशिक्षण को लेकर सभी जिला अध्यक्षों को कार्ययोजना भेज दी गई है। यह महाअभियान डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि 23 जून से शुरू होकर उनकी जयंती 6 जुलाई 2026 तक, पूरे 14 दिनों तक चलेगा।
अभियान को सफल बनाने की रणनीति
<बीजेपी> इस बड़े अभियान को अपने नियमित कार्यक्रमों से जोड़ रही है। रणनीति के अनुसार, बूथ अध्यक्ष और 'मन की बात' प्रभारी यह सुनिश्चित करेंगे कि 'मन की बात' कार्यक्रम के तुरंत बाद बूथ समिति के सभी सदस्यों को मौके पर ही संगठन ऐप खुलवाकर डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म का प्रशिक्षण पूरा कराया जाए और सर्टिफिकेट डाउनलोड करवाया जाए।
शक्ति केंद्र प्रभारियों और मंडल कार्यकारिणी को सभी बूथों पर प्रवास (दौरा) करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वे हर कार्यकर्ता के स्मार्टफोन में इस प्लेटफॉर्म की जानकारी और ट्रेनिंग सुनिश्चित कर सकें। <बीजेपी> का उद्देश्य अपने पूरे कैडर को 'कागज-रहित' और 'हाई-टेक' बनाना है। इस व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए जिलों में तीन सदस्यीय (1+2 सदस्यों की) विशेष डिजिटल प्रशिक्षण टीमें बनाई गई हैं।
प्रशिक्षण की देखरेख
प्रदेश स्तर पर इस पूरी व्यवस्था के संयोजक प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेन्द्र बरूआ हैं, जबकि राजेन्द्र सिंह और सुयश त्यागी सदस्य के रूप में इसकी देखरेख करेंगे।
Pushpendra Chaubey