नेपाल के पीएम का चौंकाने वाला बयान: भारत नहीं, नेपाल ने भी भारतीय जमीन पर कब्जा किया!

· 1 min read
नेपाल के पीएम का चौंकाने वाला बयान: भारत नहीं, नेपाल ने भी भारतीय जमीन पर कब्जा किया!

नेपाल के पीएम का चौंकाने वाला बयान: भारत नहीं, नेपाल ने भी भारतीय जमीन पर कब्जा किया

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने रविवार को कहा कि सिर्फ भारत ने ही नेपाली जमीन पर कब्जा नहीं किया, बल्कि नेपाल ने भी कुछ भारतीय इलाकों पर कब्जा किया है। यह बात उन्होंने नेपाली संसद को संबोधित करते हुए कही। प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्हें इस बारे में जानकारी मिली और उन्होंने कहा कि दोनों देशों को मिलकर इस मामले की जांच करनी चाहिए।

लिपुलेख विवाद और ब्रिटिश मध्यस्थता

भारत-चीन के बीच लिपुलेख और लिम्पियाधुरा रास्ते से होने वाले व्यापार पर शाह ने कहा कि विवाद का समाधान कूटनीतिक बातचीत से निकाला जाएगा। उन्होंने बताया कि नेपाल इस मुद्दे पर भारत को राजनयिक नोट भेज चुका है और भारत की ओर से जवाब भी मिल चुका है। शाह ने यह भी कहा कि लिपुलेख विवाद ब्रिटिश भारत के समय से जुड़ा है, इसलिए नेपाल ने इस मामले पर सिर्फ भारत और चीन ही नहीं, बल्कि ब्रिटेन से भी बातचीत की है।

पहली बार संसद को संबोधित

यह पहला मौका था जब बालेन शाह ने मार्च 2026 में सत्ता संभालने के बाद संसद को संबोधित किया। विपक्षी दलों की मांग पर उन्होंने यह संबोधन दिया और सांसदों के सवालों के जवाब दिए। उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद से भारत और नेपाल के बीच कूटनीतिक संबंधों में कुछ बदलाव और असहजता देखी गई है, जिसमें लिपुलेख दर्रे से मानसरोवर यात्रा पर आपत्ति, भारतीय विदेश सचिव को मिलने का समय न देना, भारतीय राजदूत से अलग से शिष्टाचार मुलाकात न करना और पहले वर्ष कोई विदेशी दौरा न करने की नीति शामिल हैं।

बालेन शाह के बयान को लेकर विपक्षी नेता नाराज हैं। नेपाली कांग्रेस और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के कई सांसदों ने मांग की है कि यह बयान संसद की कार्यवाही से हटाया जाए। पूर्व राजदूतों का कहना है कि नेपाल द्वारा भारतीय क्षेत्र पर अतिक्रमण किए जाने की कोई जानकारी उनके पास नहीं है और दोनों देशों के बीच सीमा विवाद काफी हद तक सुलझ चुके हैं। पूर्व विदेश मंत्री ने शाह से माफी मांगने की मांग की है।

Pushpendra Chaubey