नेपाल में चीन समर्थक कम्युनिस्ट पार्टियों का एकीकरण
नेपाल में आगामी चुनावों से पहले नौ कम्युनिस्ट पार्टियां एकजुट होकर एक नई नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी बनाने की प्रक्रिया में हैं। इस एकीकरण में पुष्प कमल दहल प्रचंड की सीपीएन-माओवादी सेंटर और अन्य वामपंथी दल शामिल हैं। इन दलों ने अपने मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में मार्क्सवाद-लेनिनवाद को अपनाने और वैज्ञानिक समाजवाद पर आधारित राजनीतिक कार्यक्रम बनाने का निर्णय लिया है।
चीन का बढ़ता प्रभाव
नेपाल में चीन का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, चीनी राजनयिक माओवादी नेताओं को वित्तीय और राजनीतिक वादों के जरिए आकर्षित कर रहे हैं। यह विलय चीन समर्थक राजनीतिक गठबंधन को मजबूत कर सकता है, जो पश्चिमी देशों के प्रयासों के विपरीत है।
भारत के लिए नई चुनौती
नेपाल में नई राजनीतिक उठापटक का सीधा असर भारत पर पड़ सकता है। माओवादी पार्टियों को चीन समर्थक माना जाता है। यदि यह गठबंधन सत्ता में आता है, तो भारत के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पहले भी नेपाल की राजनीति में चीन ने अपनी गहरी पैठ बनाई है, जिससे भारत को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।
Faraz Khan