नेशनल हेराल्ड केस में नई FIR, सोनिया-राहुल गांधी पर 2000 करोड़ की कथित साजिश

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नेशनल हेराल्ड केस में नई FIR, सोनिया-राहुल गांधी पर 2000 करोड़ की कथित साजिश

नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया और राहुल गांधी सहित कई पर नई FIR

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस की शीर्ष नेतृत्व पर कानूनी दबाव बढ़ा दिया है। आर्थिक अपराध शाखा ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित छह अन्य सहयोगियों और कुछ व्यावसायिक संस्थाओं के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज की है। इस मामले का केंद्र बिंदु एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) के कथित अधिग्रहण से जुड़ी आर्थिक अनियमितताएं हैं।

ईडी की शिकायत के आधार पर दर्ज हुई FIR

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह एफआईआर 3 अक्टूबर को दर्ज की गई थी, हालांकि इसकी जानकारी अब सार्वजनिक हुई है। एफआईआर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की मुख्यालय जांच इकाई (HIU) द्वारा दायर शिकायत पर आधारित है। ईडी ने धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 66(2) के तहत विस्तृत रिपोर्ट आर्थिक अपराध शाखा को सौंपी थी, जिसके आधार पर दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया। यह प्रावधान ईडी को किसी अन्य जांच एजेंसी से संबद्ध अपराध की जांच कर एफआईआर दर्ज करने की अनुशंसा करने की अनुमति देता है।

AJL के कथित अधिग्रहण और 2000 करोड़ की संपत्ति का मामला

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि लगभग 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति वाली एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) को यंग इंडियन नामक कंपनी के माध्यम से धोखाधड़ी से अधिग्रहित किया गया। यंग इंडियन में गांधी परिवार की 76 प्रतिशत हिस्सेदारी बताई गई है। आरोप है कि इस संरचना के माध्यम से AJL पर नियंत्रण हासिल करने की आपराधिक साजिश रची गई।

एफआईआर में कोलकाता स्थित एक कथित शेल कंपनी डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड (Dotex Merchandise Pvt Ltd) का नाम भी शामिल है। आरोप है कि इस कंपनी ने यंग इंडियन को एक करोड़ रुपये दिए, जिसमें से 50 लाख रुपये का इस्तेमाल कांग्रेस को भुगतान करने में किया गया। इसी लेन-देन के जरिए यंग इंडियन द्वारा AJL के अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया गया है।

कौन-कौन हैं आरोपी और मामला कहां लंबित है

दिल्ली पुलिस की एफआईआर में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा अन्य व्यक्तियों के नाम भी हैं। इनमें इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा का नाम उल्लेखनीय है। रिपोर्ट के अनुसार, तीन अन्य लोगों में संभवतः सुमन दुबे और सुनील भंडारी शामिल हैं, जिन्हें ईडी की चार्जशीट में भी नामजद किया गया था। इसके साथ ही एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL), यंग इंडियन और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड को भी आरोपी बनाया गया है।

ईडी ने 9 अप्रैल को गांधी परिवार और अन्य आरोपियों के खिलाफ धनशोधन निवारण कानून (PMLA) के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। यह मामला फिलहाल राउज एवेन्यू कोर्ट स्थित विशेष सांसदों/विधायकों की अदालत में लंबित है। अदालत ने अभी तक चार्जशीट पर संज्ञान नहीं लिया है और 16 दिसंबर को इस पर निर्णय लेने की संभावना बताई गई है।

आगे की जांच और शेयरधारकों से पूछताछ की तैयारी

सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है कि पुलिस AJL के शेयरधारकों को पूछताछ के लिए समन भेज सकती है। जांच एजेंसी यह जानना चाहती है कि क्या कांग्रेस ने कंपनी के शेयर यंग इंडियन को हस्तांतरित करने से पहले इन शेयरधारकों से परामर्श किया था और उनकी स्वीकृति ली गई थी या नहीं। इस कड़ी पूछताछ से अधिग्रहण प्रक्रिया की वैधता और पारदर्शिता पर और अधिक प्रकाश पड़ने की उम्मीद है।

कांग्रेस का रुख और राजनीतिक आरोप

कांग्रेस पार्टी पहले से ही नेशनल हेराल्ड मामले से जुड़े आरोपों का खंडन करती रही है। पार्टी का आरोप है कि प्रवर्तन निदेशालय और अन्य एजेंसियां केंद्र सरकार के इशारे पर राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई कर रही हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस द्वारा इस नई एफआईआर के बारे में संपर्क किए जाने पर कांग्रेस ने कहा कि उसे एफआईआर दर्ज होने की जानकारी नहीं है।

कुल मिलाकर, नई एफआईआर दर्ज होने के साथ नेशनल हेराल्ड केस में कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर हलचल तेज होने की संभावना है। अब अदालत के आगामी फैसलों और जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

Satyam Tripathi