नर्मदा परिक्रमा पर पुस्तक का विमोचन, भागवत ने दी श्रद्धा पर जोर

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नर्मदा परिक्रमा  पर पुस्तक का विमोचन, भागवत ने दी श्रद्धा पर जोर

नर्मदा परिक्रमा पर पुस्तक का विमोचन, भागवत ने दी श्रद्धा पर जोर

इंदौर में आयोजित नर्मदा खंड सेवा संस्थान के कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने 'कृपा सार' पुस्तक का विमोचन किया। इस पुस्तक को पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने लिखा है, जिसमें नर्मदा परिक्रमा के अनुभवों का वर्णन किया गया है।

श्रद्धा और विश्वास पर आधारित जीवन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि नर्मदा परिक्रमा भारतीय संस्कृति में श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि हमारा देश तर्क और शास्त्रार्थ में तो आगे है ही, लेकिन श्रद्धा और विश्वास के बिना जीवन संभव नहीं। उन्होंने इसे भवानी और शंकर का प्रतीक बताया, जो आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को जोड़ता है।

कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं की बातें

पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने नर्मदा परिक्रमा के अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे इसे 'बेचना' नहीं चाहते थे। उन्होंने बताया कि इस पुस्तक से होने वाली सारी आय गौसेवा और परिक्रमा वासियों के लिए उपयोग होगी। स्वामी ईश्वरनंद ने परिक्रमा को प्रकृति और जीवन के साथ आत्मिक जुड़ाव का प्रतीक बताया।

अन्य आयोजन और उपस्थिति

कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग मौजूद रहे, जिनमें डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, और पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन शामिल थे। साथ ही, विश्व हिंदू परिषद के लीगल सेल का चौथा अधिवेशन भी आयोजित किया गया, जिसमें देशभर के विधि विशेषज्ञों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि श्रद्धा और विश्वास से न केवल व्यक्तिगत, बल्कि समाज का भी विकास संभव है। नर्मदा परिक्रमा को आत्मा और प्रकृति का अद्वितीय संगम माना गया।