मध्यप्रदेश में ओबीसी आरक्षण पर सर्वदलीय सहमति
मध्यप्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27% आरक्षण देने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सर्वदलीय बैठक बुलाई। बैठक में सभी दलों ने इस आरक्षण का समर्थन किया और सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले पर जल्द निर्णय की मांग की।
सर्वदलीय बैठक और सहमति
मुख्यमंत्री ने बताया कि 14% आरक्षण पहले से स्पष्ट है, जबकि 13% आरक्षण सुप्रीम कोर्ट में होल्ड पर है। सभी राजनीतिक दलों ने एकमत होकर कोर्ट से जल्द सुनवाई की अपील करने का निर्णय लिया। यह भी तय किया गया कि 10 सितंबर से पहले मामले से जुड़े वकील बैठक करेंगे।
कांग्रेस और बीजेपी में श्रेय की लड़ाई
बैठक के बाद कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह आरक्षण उनकी सरकार के वक्त का निर्णय था, जबकि बीजेपी ने इसे लागू करने में देरी के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। कांग्रेस ने सरकार पर आरक्षण में देरी के कारण लाखों अभ्यार्थियों के प्रभावित होने का आरोप लगाया।
भविष्य की योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि एमपीपीएससी के वकीलों का पैनल बदला जाएगा और सुप्रीम कोर्ट में आरक्षण से जुड़े सभी कानूनी पहलुओं को मजबूती से रखा जाएगा। सभी दलों ने सहमति जताई कि आरक्षण का लाभ जल्द से जल्द लागू होना चाहिए।
यह बैठक ओबीसी आरक्षण पर वर्षों से लंबित मामलों को सुलझाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है। इसका उद्देश्य पिछड़े वर्ग के छात्रों और अभ्यर्थियों को उनके अधिकार दिलाना है।