पंजाब में बुजुर्गों की मुफ्त तीर्थ यात्रा पर एनएचआरसी की बस चेकिंग से विवाद

· 1 min read
पंजाब में बुजुर्गों की मुफ्त तीर्थ यात्रा पर एनएचआरसी की बस चेकिंग से विवाद

पंजाब में बुजुर्गों की तीर्थ यात्रा बसों की एनएचआरसी जांच से राजनीतिक विवाद

पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत बुजुर्गों को ले जाने वाली सुपर डीलक्स बसों की नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन द्वारा चेकिंग किए जाने के बाद राज्य में राजनीतिक घमासान मच गया है। आम आदमी पार्टी ने इस कार्रवाई को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार बुजुर्गों की मुफ्त तीर्थ यात्रा को रोकने के लिए एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।

केजरीवाल के आरोप और सवाल

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालते हुए सवाल उठाया कि क्या एनएचआरसी ने कभी देश के किसी अन्य राज्य की रोडवेज बसों की ऐसी चेकिंग की है। उन्होंने लिखा कि देश की सबसे बड़ी मानवाधिकार संस्था ने अपने इतिहास में पहली बार बसों की चेकिंग की है। उन बसों की चैकिंग हो रही है, जो सुपर डीलक्स बसें पंजाब के लोगों को तीर्थ यात्रा पर ले जा रही हैं। उन्होंने कहा कि क्या एनएचआरसी ने उत्तर प्रदेश या किसी अन्य राज्य के रोडवेज की बसों की चेकिंग की है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पंजाब से श्रद्धालुओं को ले जाने वाली बसों को निशाना बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना का विवरण और आंकड़े

पंजाब सरकार इस योजना के तहत राज्य के बुजुर्गों को श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब, माता नैना देवी, हरिद्वार-ऋषिकेश, मथुरा-वृंदावन, सालासर बालाजी और श्री खाटू श्याम जी जैसे धार्मिक स्थलों की मुफ्त यात्रा करवा रही है। यात्रा का पूरा खर्च सरकार खुद उठाती है। आंकड़ों के मुताबिक, 14 अक्टूबर तक मान सरकार लगभग 7 लाख बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा करा चुकी है। इनमें से 5.5 लाख श्रद्धालु अमृतसर और आसपास के दर्शन कर चुके हैं, जबकि अन्य श्रद्धालु मथुरा, खाटू श्याम और हरिद्वार-ऋषिकेश की यात्रा कर चुके हैं।

Janmejay Chaturvedi