राजिंदर गुप्ता: पंजाब से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवार
आम आदमी पार्टी ने ट्राइडेंट ग्रुप के चेयरमैन राजिंदर गुप्ता को पंजाब से राज्यसभा सीट के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। इस घोषणा के साथ ही पार्टी ने इस सीट पर अपनी जीत लगभग सुनिश्चित कर दी है। राजिंदर गुप्ता को पंजाब के सबसे समृद्ध उद्योगपतियों में गिना जाता है, और उनकी कंपनी का टर्नओवर लगभग 5 हजार करोड़ रुपये है।
राज्यसभा सीट पर उम्मीदवार घोषित
राजिंदर गुप्ता की उम्मीदवारी की घोषणा आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय महासचिव संदीप पाठक द्वारा की गई। उन्होंने इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी किया। गुप्ता ने इस घोषणा से पहले पंजाब आर्थिक नीति एवं योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष और काली माता मंदिर पटियाला की एडवाइजरी मैनेजिंग कमेटी के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे को आम आदमी पार्टी की सरकार ने तुरंत स्वीकार कर लिया।
Punjab में AAP का प्रभाव
पंजाब से अभी राज्यसभा में 6 सदस्य हैं, और सभी आम आदमी पार्टी के हैं। इनमें कारोबारी विक्रमजीत सिंह साहनी, संत बलबीर सिंह सीचेवाल, पार्टी नेता राघव चड्ढा, संदीप पाठक, पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह और उद्योगपति अशोक मित्तल शामिल हैं। इसके साथ ही पार्टी के पास विधानसभा में 93 विधायक हैं, जिससे AAP की जीत तय मानी जा रही है।
राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया
पंजाब में राज्यसभा चुनाव का नोटिफिकेशन 6 अक्टूबर को जारी होगा। नामांकन की अंतिम तिथि 13 अक्टूबर तय की गई है। इसके बाद 14 अक्टूबर को स्क्रूटनी होगी और 16 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। वोटिंग और काउंटिंग 24 अक्टूबर को होगी। इस चुनाव में विपक्षी दल कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल (SAD) और भाजपा ने अभी चुनाव लड़ने का फैसला नहीं किया है।
कौन हैं राजिंदर गुप्ता?
राजिंदर गुप्ता को पंजाब का अंबानी माना जाता है। वह ट्राइडेंट ग्रुप के चेयरमैन हैं, जो एक वैश्विक टेक्सटाइल पावरहाउस के रूप में उभरा है। ट्राइडेंट ग्रुप का 61% उत्पादन प्रमुख अंतरराष्ट्रीय रिटेल विक्रेताओं को निर्यात किया जाता है। दिसंबर 2024 में टाइम मैगजीन ने उन्हें और उनके समूह को पर्सन ऑफ द ईयर के रूप में चुना था। उनकी कंपनी टेक्सटाइल, पेपर और केमिकल क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपस्थिति रखती है।
निष्कर्ष
राजिंदर गुप्ता की उम्मीदवारी से आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। गुप्ता की जीत सुनिश्चित मानी जा रही है, जो पंजाब में AAP के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है। उनके चयन से पार्टी ने स्थानीय नेतृत्व को प्राथमिकता दी है, जो आने वाले विधानसभा चुनावों में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।