रीवा महाराज का जीरो बिल, मजदूरों पर हजारों की मार

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रीवा महाराज का जीरो बिल, मजदूरों पर हजारों की मार

रीवा महाराज का जीरो बिल, आम जनता पर भारी-भरकम बिजली बिल

रीवा राजघराने के महाराज पुष्पराज सिंह को लगातार छह महीने तक जीरो बिजली बिल भेजे जाने का मामला सामने आया है। वहीं, आम उपभोक्ताओं को हजारों रुपये के भारी-भरकम बिल थमाए गए। यह मामला तब उजागर हुआ जब महाराज के नाम से जारी दो बिजली कनेक्शनों के बिल सोशल मीडिया पर वायरल हुए।

महाराज को क्यों मिले जीरो बिल?

रीवा की 'पीली कोठी' में पुष्पराज सिंह के नाम पर दो बिजली कनेक्शन हैं। बिजली कंपनी का कहना है कि इन बिलों में शून्य यूनिट दर्ज किए गए थे, इसलिए जीरो बिल जारी हुआ। हालांकि, स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि जब मीटर रीडिंग में यूनिट दिखाई दे रहे थे, तो भी बिल शून्य क्यों आया?

आम उपभोक्ताओं पर भारी बिल

स्पेशल फोर्स के जवान पांडव कुमार को दो पंखे और दो लाइट चलाने के बावजूद एक महीने में 78,968 रुपये का बिल भेजा गया। गरीब आदिवासी किसान अंकित कुमार को भी 200 रुपये के फिक्स बिल की जगह 3000 रुपये का बिल थमाया गया। उपभोक्ता शिकायत कर रहे हैं कि घरेलू कनेक्शनों पर ऐसा बिल कैसे संभव है?

जांच और कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए रीवा पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने जांच के आदेश दिए हैं। जूनियर इंजीनियर समेत अन्य कर्मचारियों की भूमिका की जांच हो रही है। एई रविंद्र कौशल का स्थानांतरण कर दिया गया है। कंपनी ने दावा किया है कि स्मार्ट मीटर के उपयोग से पारदर्शिता लाई जाएगी और गलत बिलिंग की संभावना कम होगी।

रीवा महाराज का प्रभाव और विरासत

पुष्पराज सिंह रीवा राजघराने के उत्तराधिकारी हैं और मध्यप्रदेश की राजनीति में भी सक्रिय रह चुके हैं। उनके परिवार का रीवा क्षेत्र में काफी प्रभाव है। इस घटना ने बिजली बिलिंग व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं।

यह मामला दर्शाता है कि कैसे प्रभावशाली लोगों को रियायतें दी जाती हैं, जबकि आम उपभोक्ता अधिक बिल का सामना करते हैं। भविष्य में स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम से इस प्रकार की गड़बड़ियों को रोकने की उम्मीद है।