रोजगार मेले के बाद नौकरी का सच: सालभर होगी पूरी मॉनीटरिंग

· 1 min read
रोजगार मेले के बाद नौकरी का सच: सालभर होगी पूरी मॉनीटरिंग

रोजगार मेले के बाद नौकरी का सच: सालभर होगी पूरी मॉनीटरिंग

मध्य प्रदेश में रोजगार विभाग अब उन युवाओं की पूरी सालभर निगरानी करेगा जिन्हें रोजगार मेलों में नौकरी मिली है। विभाग का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कंपनियों द्वारा नौकरी के प्रस्ताव (ऑफर लेटर) में बताई गई सैलरी और पद वास्तव में युवाओं को मिल रहा है या नहीं। यदि किसी को ऑफर लेटर मिलने के बाद भी नौकरी नहीं मिली या सैलरी में अंतर पाया गया, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।

पिछली शिकायतों को देखते हुए बड़ा बदलाव

हाल ही में रोजगार विभाग को कई जिलों से शिकायतें मिली थीं कि रोजगार मेलों में कंपनियां ऑफर लेटर तो दे देती हैं, लेकिन बाद में नियुक्ति के दौरान युवाओं को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए, संचालनालय रोजगार ने यह बड़ा सुधार करने का निर्णय लिया है।

ऑनलाइन होगी पूरी प्रक्रिया

अब, जिन युवाओं को रोजगार मेले में ऑफर लेटर या लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) मिलेगा, उनकी जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। विभाग यह देखेगा कि युवा ने कब से काम शुरू किया और उसे मेले में बताई गई सैलरी मिल रही है या नहीं। इसके लिए एक ऑनलाइन मॉनीटरिंग सिस्टम बनाया जा रहा है, जिसमें चयनित युवाओं से सीधे फीडबैक लिया जाएगा, ठीक वैसे ही जैसे सीएम हेल्पलाइन पर लिया जाता है।

इंटरव्यू की प्रक्रिया में भी सुधार

अब तक, लेटर ऑफ इंटेंट का मतलब सिर्फ शॉर्टलिस्ट होना होता था, और कंपनी अपनी प्रक्रिया से बाद में इंटरव्यू लेकर नौकरी पर रखती थी। लेकिन अब मौके पर ही इंटरव्यू होंगे और सीधे ऑफर लेटर दिए जाएंगे, ताकि युवाओं को तत्काल स्पष्टता मिल सके।

किन क्षेत्रों में मिल रही हैं नौकरियां?

रोजगार मेलों के माध्यम से ज्यादातर नौकरियां मैन्युफैक्चरिंग, ऑटो, टेक, और रिटेल जैसे क्षेत्रों में दी जा रही हैं। इसके अलावा, टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी, टेक्सटाइल्स, ब्यूटी एंड वेलनेस, मैनेजमेंट, ऑटोमोबाइल, खाद्य एवं प्रसंस्करण, बीमा, बैंकिंग, लॉजिस्टिक्स, सिक्योरिटी, स्वास्थ्य, और आईटी सेक्टर में भी रोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।

राज्यमंत्री, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग, गौतम टेटवाल ने कहा, "सरकार लगातार रोजगार मेले आयोजित कर रही है और युवाओं को नौकरियां भी मिल रही हैं। अब हम यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि कंपनी की तरफ से युवाओं को दी गई जॉब और सैलरी में कोई अंतर तो नहीं है। शिकायतों पर तत्काल समाधान किया जाएगा और इसके लिए एक पूरा सिस्टम तैयार किया जा रहा है।"

Lokendra Mishra