रतलाम में फैक्ट्री पर छापा: 3.44 करोड़ की ड्रग्स जब्त, शराब ठेकेदार गिरफ्तार
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की इंदौर जोनल यूनिट ने शनिवार रात रतलाम जिले के सेजावता गांव में स्थित एक फैक्ट्री पर छापा मारकर 13.762 किलोग्राम अल्प्राजोलम ड्रग जब्त की। जब्त की गई ड्रग की कीमत करीब 3.44 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
शराब ठेकेदार समेत दो आरोपी गिरफ्तार
एनसीबी ने मौके से दो आरोपियों, अभिजीत सिंह चौहान और रूप सिंह चौहान को गिरफ्तार किया। अभिजीत शराब ठेकेदार भी है। यह कार्रवाई रतलाम पुलिस को सूचना दिए बिना की गई थी। रविवार सुबह पुलिस को जानकारी मिलने के बाद मौके पर एएसपी राकेश खाखा और अन्य अधिकारी पहुंचे।
सैनेटाइजर लाइसेंस के तहत हो रहा था ड्रग निर्माण
एनसीबी अधिकारियों ने बताया कि फैक्ट्री को सैनेटाइजर बनाने का लाइसेंस प्राप्त था, लेकिन प्रतिबंधित ड्रग्स का निर्माण किया जा रहा था। फैक्ट्री संचालकों ने दवा निर्माण के लिए लाइसेंस का आवेदन दिया था, लेकिन बिना लाइसेंस के निर्माण शुरू कर दिया।
कोर्ट में पेशी और रिमांड
रविवार को एनसीबी टीम ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया और मेडिकल जांच कराई। रिमांड मिलने के बाद उन्हें शाम 6 बजे इंदौर ले जाया गया। मेडिकल परीक्षण के दौरान आरोपी अपना चेहरा छिपाते रहे।
अवैध निर्माण का खुलासा
एनसीबी के इंदौर जोनल निदेशक रीतेश रंजन ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला कि जनवरी 2025 से दोनों आरोपी किराए के गोदाम में प्रतिबंधित ड्रग्स का निर्माण कर रहे थे। एनसीबी अब इनके वित्तीय लेनदेन और संभावित अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच कर रही है।
रासायनिक सामग्री और उपकरण जब्त
फैक्ट्री से नशीले पदार्थों के साथ रासायनिक सामग्री और निर्माण उपकरण भी जब्त किए गए हैं। इनमें राउंड बॉटम फ्लास्क, ऑयल बाथ, कंडेंसर, और विभिन्न रसायन जैसे एथाइल एसीटेट, मेथेनॉल, क्लोरोफॉर्म आदि शामिल हैं।
गुप्त रूप से चल रही थी फैक्ट्री
फैक्ट्री पूरी तरह से गुप्त रूप से संचालित की जा रही थी। परिसर के बाहर सीमेंट ब्लॉक इंडस्ट्रीज का बोर्ड लगा था, और इसी के पीछे ड्रग फैक्ट्री चलाई जा रही थी।
Lokendra Mishra