साल का आखिरी चंद्रग्रहण , भारत में दिखा ब्लड मून

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साल का आखिरी चंद्रग्रहण , भारत में दिखा ब्लड मून

साल का आखिरी चंद्रग्रहण: भारत में दिखा ब्लड मून

साल 2023 का दूसरा और आखिरी चंद्रग्रहण 9:56 बजे शुरू हुआ, जो 3 घंटे 28 मिनट तक चला। इसमें से 82 मिनट का पूर्ण चंद्रग्रहण था, जिसे ब्लड मून के नाम से जाना जाता है। इस दौरान पृथ्वी सूर्य और चांद के बीच आ गई, जिससे चांद पर पृथ्वी की छाया पड़ी और वह लाल-नारंगी रंग का दिखाई दिया।

भारत समेत कई देशों में दिखा नजारा

यह चंद्रग्रहण भारत, एशिया, पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया और यूरोप समेत दुनिया के कई हिस्सों में देखा गया। एशिया और ऑस्ट्रेलिया में इसका नजारा सबसे बेहतरीन रहा। भारत में यह 2022 के बाद सबसे लंबा पूर्ण चंद्रग्रहण था। इसे टेलिस्कोप या दूरबीन से और बेहतर तरीके से देखा जा सकता था।

नेहरू प्लेनेटेरियम में खास इंतजाम

कर्नाटक के बेंगलुरु के नेहरू प्लेनेटेरियम में हाई-रिजोल्यूशन लेंस वाले टेलिस्कोप लगाए गए थे ताकि लोग इस खगोलीय घटना को स्पष्ट रूप से देख सकें।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण और मान्यताएं

NASA के अनुसार, चंद्रग्रहण पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के एक सीध में होने पर होता है। यह केवल पूर्णिमा के दिन संभव है। वैज्ञानिकों ने चंद्रग्रहण के दौरान पृथ्वी और चंद्रमा की दूरी जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त की हैं। हालांकि, NASA ने धार्मिक मान्यताओं जैसे प्राकृतिक आपदाओं और खाने पर असर को खारिज किया है।

अगला पूर्ण चंद्रग्रहण

अगला पूर्ण चंद्रग्रहण 2028 में होगा। आमतौर पर, हर 2.5 साल में एक बार किसी स्थान से पूर्ण चंद्रग्रहण देखा जा सकता है।

इस चंद्रग्रहण ने एक बार फिर खगोलीय विज्ञान और जनता की रुचि को बढ़ाया। यह न केवल वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था, बल्कि इसे देखकर खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों को रोमांच का अनुभव हुआ।