SCO समिट में भारत को बड़ी सफलता
पहलगाम हमले की कड़ी निंदा
चीन में आयोजित SCO समिट के दूसरे दिन भारत को बड़ी कूटनीतिक सफलता मिली। समिट के घोषणापत्र में पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई और अपराधियों, उनके समर्थकों और आयोजकों को सजा दिलाने की जरूरत पर जोर दिया गया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी में यह कदम उठाया गया, जो भारत के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है।
प्रधानमंत्री मोदी का कड़ा संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समिट को संबोधित करते हुए आतंकवाद को मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। उन्होंने पहलगाम हमले का हवाला देते हुए कहा कि भारत पिछले चार दशकों से आतंकवाद का सामना कर रहा है। मोदी ने यह भी सवाल उठाया कि कैसे कुछ देशों को आतंकवाद का खुला समर्थन करने की छूट दी जा रही है।
भारत-चीन संबंधों में सकारात्मक संकेत
समिट के दौरान भारत और चीन के बीच संबंधों में नरमी के संकेत मिले। गलवान झड़प के बाद पहली बार सीमा और व्यापार से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक बातचीत हुई। हालांकि, सीमा विवाद और पानी जैसे बड़े मुद्दों पर अभी और काम करने की आवश्यकता है।
समिट की वैश्विक अहमियत
SCO समिट में 20 से अधिक देशों के नेताओं और 3000 से अधिक पत्रकारों की उपस्थिति ने इसकी वैश्विक अहमियत को रेखांकित किया। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी समिट को स्थिरता और सुरक्षा के नए मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया।
समिट में भारत ने आतंकवाद पर कड़ा रुख अपनाते हुए अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने की कोशिश की। यह सम्मेलन क्षेत्रीय सहयोग और स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।