शरद पवार ने महाराष्ट्र सरकार पर सामाजिक एकता कमजोर करने का आरोप
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के अध्यक्ष शरद पवार ने महाराष्ट्र की महा युति सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक एकता को कमजोर करने के प्रयास कर रही है। यह बयान उन्होंने अपनी पार्टी के एक कार्यक्रम में दिया, जहां उन्होंने कार्यकर्ताओं से इस स्थिति का मुकाबला करने की अपील की।
मराठा आरक्षण पर बढ़ता विवाद
शरद पवार ने मराठा आरक्षण के मुद्दे पर सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि हैदराबाद गजट के तहत मराठा समुदाय को कुनबी जाति का प्रमाण पत्र और आरक्षण देने के फैसले से अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) पर बड़ा असर पड़ेगा। इस फैसले के खिलाफ ओबीसी, जनजातीय और बंजारा समुदाय के संगठन प्रदर्शन की चेतावनी दे रहे हैं।
सरकार पर जातीय आधार पर समिति बनाने का आरोप
पवार ने यह भी दावा किया कि मराठा और ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर बनाई गई कैबिनेट उप समितियां जाति और समुदाय के आधार पर गठित की गई हैं। उन्होंने इसे पहली बार होने वाली घटना बताया और कहा कि यह सामाजिक ढांचे को कमजोर कर सकती है।
किसानों की आत्महत्या और केंद्र सरकार पर निशाना
शरद पवार ने राज्य में किसानों की आत्महत्या के बढ़ते मामलों पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि पिछले आठ महीनों में 1,186 किसानों ने आत्महत्या की है, जिनमें विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्र प्रमुख रहे हैं। इसके साथ, उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर भी हमला किया और भारत की विदेश नीति को लेकर आलोचना की।
मुख्यमंत्री फडणवीस का पलटवार
शरद पवार के आरोपों पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि पवार साहब के बयानों को समझना मुश्किल है क्योंकि उनकी बातों का मतलब अक्सर अलग होता है। उन्होंने इसे पवार का राजनीतिक शैली करार दिया।
इस विवाद से महाराष्ट्र की राजनीति में तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। मराठा आरक्षण और सामाजिक एकता के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव भविष्य में और गहरा सकता है।