सिंगरौली के अडाणी पावर प्लांट में मजदूर की मौत पर भारी हंगामा, आगजनी-तोड़फोड़.

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सिंगरौली के अडाणी पावर प्लांट में मजदूर की मौत पर भारी हंगामा, आगजनी-तोड़फोड़.

सिंगरौली के अडाणी पावर प्लांट में मजदूर की मौत पर भारी बवाल, आगजनी और तोड़फोड़

सिंगरौली जिले के माडा थाना क्षेत्र के बधौरा स्थित अडाणी पावर प्लांट में शनिवार सुबह उस समय भारी हंगामा हो गया, जब एक मजदूर की मौत की खबर फैल गई। गुस्साए मजदूरों ने प्लांट परिसर में जमकर तोड़फोड़ की और आग लगा दी। सामने आए वीडियो में दूर से काले धुएं का एक बड़ा गुबार उठता हुआ देखा गया, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।

मजदूर की मौत और विरोध का कारण

जानकारी के अनुसार, मृतक मजदूर का नाम लल्लन सिंह था, जो झारखंड के गढ़वा जिले का मूल निवासी था और लंबे समय से इसी प्लांट में कार्यरत था। शुक्रवार देर रात उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने से मौत हो गई थी। हालांकि, मौत की खबर फैलते ही साथी मजदूरों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन ने शव छिपाने का प्रयास किया और यह अफवाह भी फैली कि लल्लन की मौत ऊंचाई से गिरने के कारण हुई है। दूसरी ओर, कंपनी प्रबंधन और जिला प्रशासन का दावा है कि मजदूर की मौत देर रात हार्ट अटैक से हुई थी।

व्यापक तोड़फोड़ और प्रशासनिक प्रतिक्रिया

बिगड़ते हालात के बीच, मजदूरों ने प्लांट के भीतर एक दर्जन से अधिक गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर पलट दिया, जिसमें पुलिस चौकी प्रभारी की गाड़ी भी शामिल थी। गुस्साए मजदूरों ने ठेकेदार के ऑफिस को भी आग के हवाले कर दिया और कंपनी के अधिकारी कर्मचारियों के साथ मारपीट की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात किए गए। एसडीएम, तहसीलदार, एडिशनल एसपी सहित 200 से अधिक पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे। कंपनी में 10 हजार से ज्यादा मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें से 8 से 9 हजार मजदूर घटना होने के बाद अपना-अपना सामान लेकर प्लांट के बाहर निकल गए।

जांच का आश्वासन और वर्तमान स्थिति

मजदूरों की मुख्य मांग मृतक की निष्पक्ष जांच और मौत का कारण स्पष्ट करना था। प्रशासन ने उन्हें आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष तरीके से जांच होगी और यदि कोई दोषी पाया जाता है या प्रबंधन की ओर से लापरवाही सामने आती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। इस आश्वासन के बाद मजदूर कुछ शांत हुए। फिलहाल, प्लांट के अंदर एक हजार से अधिक मजदूर अभी भी मौजूद हैं, और जिला प्रशासन लगातार उन्हें समझा-बुझा रहा है। हालांकि, स्थिति अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है।

Pushpendra Chaubey