संसद शीतकालीन सत्र में एसआईआर, प्रदूषण और विदेश नीति पर जमकर घमासान तय

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संसद शीतकालीन सत्र में एसआईआर, प्रदूषण और विदेश नीति पर जमकर घमासान तय

संसद का शीतकालीन सत्र एक दिसंबर से शुरू, तीखी राजनीतिक जंग के संकेत

संसद का शीतकालीन सत्र एक दिसंबर से शुरू हो रहा है और इसके दौरान सरकार तथा विपक्ष के बीच तीखी टकरावपूर्ण बहसों के संकेत मिल रहे हैं। दिल्ली की सर्दी के बीच संसद भवन में गर्म राजनीतिक माहौल बनने की संभावना जताई जा रही है।

सरकार का सुधार एजेंडा और बिहार जीत से उत्साहित एनडीए

केंद्र सरकार ने संकेत दिया है कि वह इस सत्र के दौरान अपने सुधारों के एजेंडे को आगे बढ़ाएगी। इसी बीच बिहार विधानसभा चुनाव में भारी जीत के साथ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सत्ता में वापसी ने सत्तारूढ़ पक्ष का आत्मविश्वास बढ़ा दिया है। माना जा रहा है कि एनडीए के सांसद सदन में मजबूत और आक्रामक रुख अपनाएंगे।

एसआईआर को लेकर विपक्ष आक्रामक, मतदाता सूचियों पर सवाल

विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को सत्र में बड़ा मुद्दा बनाने का फैसला किया है। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाताओं के एक विशेष वर्ग के नाम सूची से हटाना है। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक, समाजवादी पार्टी और वामपंथी दल इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं और इसमें कथित तौर पर हुई मौतों का भी हवाला दे रहे हैं।

प्रदूषण और दिल्ली की वायु गुणवत्ता भी विपक्ष के एजेंडे में

दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण तथा वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को लेकर भी विपक्ष सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी में है। विपक्षी दल इस मुद्दे को जनता से सीधे तौर पर जुड़े एक गंभीर स्वास्थ्य और पर्यावरण संकट के रूप में उठाना चाहते हैं।

INDIA गठबंधन की बैठक और विपक्ष की रणनीति

संसद के शीतकालीन सत्र से पहले INDIA गठबंधन के नेता एक दिसंबर को राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के संसद भवन स्थित कार्यालय में बैठक करेंगे। इस बैठक में सत्र के दौरान दोनों सदनों में साझा रणनीति और मुद्दों पर तालमेल बनाने पर चर्चा होने की संभावना है।

विदेश नीति पर बहस की मांग: ट्रंप, व्यापार और चीन मुद्दा

संसद में विपक्ष का नेतृत्व कर रही कांग्रेस ने घोषणा की है कि वह भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के लिए मध्यस्थता करने संबंधी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों पर चर्चा की मांग करेगी। इसके साथ ही विपक्ष अमेरिका के साथ व्यापार समझौते और चीन से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तृत बहस चाहता है।

तीखे टकराव और राजनीतिक तूफान की आशंका

सरकार के सुधार एजेंडे, विपक्ष की एकजुट रणनीति, एसआईआर और प्रदूषण जैसे संवेदनशील घरेलू मुद्दों के साथ-साथ विदेश नीति से जुड़े प्रश्नों के कारण शीतकालीन सत्र में राजनीतिक तापमान बढ़ने की आशंका है। यह सत्र सरकार और विपक्ष दोनों के लिए अपनी-अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने का महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकता है।

L. N. Bhargava